मोतिहारी में होटल संचालकों पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, शराब पार्टी और अवैध गतिविधियों पर कसा शिकंजा

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मोतिहारी शहर में जिला प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए होटल संचालकों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम सौरभ जोरवाल और एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सदर एसडीओ निशांत सिहारा के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष छापेमारी अभियान से शहर के होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।

प्रशासन की यह कार्रवाई शहर के विभिन्न होटलों में शराब पार्टी, देह व्यापार और घरेलू गैस के अवैध उपयोग की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुरू की गई। इसी क्रम में सबसे पहले छतौनी थाना क्षेत्र स्थित होटल सूर्या में प्रशासनिक टीम ने पहुंचकर कई कमरों की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान होटल के अलग-अलग कमरों से कई खाली शराब की बोतलें बरामद की गईं, जबकि एक कमरे से भरी हुई शराब की बोतल भी मिली।

कार्रवाई के दौरान होटल के एक कमरे में दो लोगों को शराब पीते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके अलावा होटल का मैनेजर भी नशे की हालत में पाया गया। मौके पर ही सभी की ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराई गई, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर छतौनी थाना भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इसके बाद प्रशासनिक टीम ने शहर के एक अन्य प्रमुख होटल हर्ष में भी छापेमारी की। यहां भी संदिग्ध गतिविधियों की जांच की गई, हालांकि इस होटल से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। बावजूद इसके होटल प्रबंधन को नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई।

सदर एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया कि जिला प्रशासन को लगातार शहर के कई होटलों में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

जिला प्रशासन की इस सख्ती के बाद पूरे मोतिहारी शहर में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है। प्रशासन अब केवल होटलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी जांच अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सके।