कर्नल सुरेन कुमार पाण्डेय ने कैडेटों में भरा देशसेवा का जज़्बा

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बेतिया। 25 बिहार बटालियन एनसीसी, मोतिहारी के तत्वावधान में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-6 का छठा दिन उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। बेतिया स्थित राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण के कुल 398 एनसीसी कैडेट, जिनमें 283 बॉय कैडेट एवं 115 गर्ल्स कैडेट शामिल हैं, नियमित सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
शिविर का संचालन समादेशी पदाधिकारी कर्नल सुरेन कुमार पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों को सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक दक्षता, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिविर के छठे दिन कैडेटों के लिए विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस, मुजफ्फरपुर से आए मेजर सत्य मुत्री एवं उनके साथ पहुंचे सेना के जवानों ने भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने भर्ती के लिए आवश्यक शैक्षणिक एवं अन्य दस्तावेज, निर्धारित शारीरिक मापदंड, मेडिकल प्रक्रिया, शारीरिक दक्षता परीक्षा तथा लिखित परीक्षा की तैयारी से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सेना अधिकारियों ने कैडेटों को बताया कि भारतीय सेना में चयन के लिए केवल शारीरिक रूप से फिट होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लिखित परीक्षा की भी गंभीर तैयारी आवश्यक है। उन्होंने समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए युवाओं को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान समादेशी पदाधिकारी कर्नल सुरेन कुमार पाण्डेय ने भी कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में सेवा करना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का अवसर है। उन्होंने कैडेटों से मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
कर्नल पाण्डेय ने एनसीसी प्रमाण-पत्रों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट भारतीय सेना सहित विभिन्न सुरक्षा बलों एवं अन्य सरकारी सेवाओं में विशेष लाभ प्रदान करता है। साथ ही एनसीसी प्रशिक्षण युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी की भावना और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है।
शिविर में शामिल कैडेटों ने सेना अधिकारियों से अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से समाधान किया गया। इस संवादात्मक सत्र से कैडेटों का उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ा। प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य युवाओं को अनुशासित, जिम्मेदार एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक बनाना है। ऐसे प्रेरणादायी सत्र निश्चित रूप से कैडेटों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।