पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में शहरी विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठने जा रहा है। शहर की पहचान बन चुकी मोती झील के किनारे बने मरीन ड्राइव की सफलता के बाद अब धनौती नदी के किनारे भी उसी तर्ज पर मरीन ड्राइव बनाने का प्रस्ताव सामने आया है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। नागरिकों का मानना है कि यह परियोजना न सिर्फ शहर की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि यातायात व्यवस्था को भी काफी हद तक आसान बनाएगी।
धनौती नदी के किनारे प्रस्तावित मरीन ड्राइव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रारंभिक चर्चा शुरू हो चुकी है। शहरी योजनाकारों के अनुसार, यदि यह योजना धरातल पर उतरती है तो शहर के कई इलाकों के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा। वर्तमान में कई जगहों पर सड़कों की स्थिति और ट्रैफिक दबाव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नदी किनारे विकसित होने वाला यह नया मार्ग एक वैकल्पिक और आधुनिक यातायात कॉरिडोर के रूप में काम करेगा।
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि मरीन ड्राइव बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिस तरह मोती झील का मरीन ड्राइव आज शहरवासियों के लिए सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने का प्रमुख केंद्र बन चुका है, उसी तरह धनौती नदी किनारे भी एक नया आकर्षण विकसित होगा। इससे छोटे व्यापारियों, स्ट्रीट वेंडर्स और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
शहर के युवाओं में इस परियोजना को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। उनका कहना है कि आधुनिक शहरों की तरह मोतिहारी में भी बेहतर सार्वजनिक स्थानों की जरूरत है, जहां लोग सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में समय बिता सकें। यदि नदी किनारे हरियाली, लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और वॉकिंग ट्रैक विकसित किए जाते हैं, तो यह क्षेत्र शहर का नया सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र बन सकता है।
हालांकि कुछ नागरिकों ने पर्यावरणीय संतुलन को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान नदी की प्राकृतिक धारा और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि परियोजना को ‘इको-फ्रेंडली’ मॉडल पर विकसित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले विस्तृत सर्वे, तकनीकी मूल्यांकन और बजट योजना तैयार की जाएगी। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में मोतिहारी को एक और आधुनिक शहरी पहचान मिल सकती है। फिलहाल शहरवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि धनौती नदी का यह प्रस्तावित मरीन ड्राइव विकास की नई कहानी लिखेगा और मोतिहारी को एक स्मार्ट, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित करेगा।










