राजस्थान के औद्योगिक शहर स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हुए दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में बिहार के मजदूरों की मौत की खबर से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और तत्काल राहत देने का निर्देश जारी किया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार इस हादसे में बिहार के मृतक मजदूरों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की गई है। साथ ही स्थानिक आयुक्त, को राजस्थान सरकार से समन्वय स्थापित कर मृतकों के पार्थिव शरीर को सुरक्षित बिहार लाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
मृतकों में अधिकांश मजदूर के मोतिहारी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान सुजांत पुत्र शिव पासवान, मिंटू पुत्र सिकंदर पासवान, अजीत पुत्र सुरेंद्र, रवि पुत्र राजदेव, श्याम पुत्र जयदेव और अमरेश पुत्र कृष्ण लाल के रूप में हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। प्रशासन द्वारा पहचान की प्रक्रिया जारी है।
हादसे में पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। घायलों में मनु पासवान, नितेश कुमार, कन्हैया पासवान, आशिक पासवान और दीपलाल कुमार शामिल हैं। ये सभी घायल मजदूर चिरैया प्रखंड के हराज टोला नारायणपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। परिजनों को घटना की सूचना मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। वहीं राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मजदूरों के परिजन सरकार से न्याय और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।










