भगवानपुर में 9 दिवसीय लक्ष्मी महायज्ञ का भव्य आयोजन, 251 कन्याओं की कलश यात्रा से होगा शुभारंभ

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वृंदावन की रासलीला, मौत का कुआं और टावर झूला बनेगा मुख्य आकर्षण

पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित भगवानपुर हाई स्कूल परिसर एक बार फिर भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र बनने जा रहा है। यहां 22 फरवरी 2026 से श्री श्री 108 श्री लक्ष्मी महायज्ञ का नौ दिवसीय भव्य आयोजन शुरू होगा, जिसका समापन 2 मार्च को किया जाएगा। आयोजन को लेकर इलाके में अभी से उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

महायज्ञ का शुभारंभ 251 कन्याओं की भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। यह कलश यात्रा पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण का संचार करेगी। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में भजन-कीर्तन के साथ यात्रा में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, इस यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के इलाकों से लोग शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

महायज्ञ समिति के अध्यक्ष मयंक कुमार ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में वृंदावन से आई प्रसिद्ध रासलीला मंडली अपनी प्रस्तुति देगी, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी। रासलीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का जीवंत मंचन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर सकेंगे।

धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मनोरंजन के साधनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। मेले में मौत का कुआं, टावर झूला और कई आधुनिक झूले लगाए जाएंगे, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इससे मेले का स्वरूप धार्मिक के साथ-साथ पारिवारिक उत्सव जैसा होगा, जहां लोग पूजा-अर्चना के साथ मनोरंजन का भी आनंद ले सकेंगे।

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कथा वाचन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन शाम को भजन-कीर्तन और धार्मिक मंचन होगा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहेगा। आयोजकों का कहना है कि महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समागम का भी प्रतीक है।

समिति के संरक्षक के रूप में कन्हैया सिंह तथा पिपरा विधायक श्याम बाबू यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि हर साल इस महायज्ञ के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ता जा रहा है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

स्थानीय प्रशासन से भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सहयोग लिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महायज्ञ को सफल बनाने की अपील की है।

भगवानपुर में होने वाला यह लक्ष्मी महायज्ञ एक बार फिर आस्था, परंपरा और उत्सव का अनूठा संगम प्रस्तुत करने जा रहा है, जिसका इंतजार पूरे इलाके को बेसब्री से है।