मोतिहारी शहर के छोटा बरियारपुर वार्ड नंबर 40 में एक विधवा महिला और उनकी देयादीन के साथ कथित मारपीट और जबरन कब्जे की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। पीड़िता जोत्स्ना सहाय और रंजना कुमारी ने आरोप लगाया है कि शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कुछ दबंग लोग उनके घर पर पहुंच गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करने लगे।
पीड़िता के अनुसार संतोष कुमार उर्फ झुनझुन ठाकुर, संटु पाठक, आशीष कुमार श्रीवास्तव और अभय कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य लोग जबरन दुकान और मकान पर कब्जा करने की नीयत से आए थे। आरोप है कि आरोपियों ने घर खाली करने का दबाव बनाया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, परिवार को रंगदारी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
जोत्स्ना सहाय ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है और वह पिछले 25 वर्षों से उसी घर में रह रही हैं। उनके अनुसार यह मकान और जमीन उनके ससुर के नाम पर है, जिसमें सात हिस्सेदार हैं। संपत्ति के बंटवारे को लेकर मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद कुछ लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे परिवार लगातार तनाव में जी रहा है।
पीड़िता का कहना है कि इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी उन्होंने छतौनी थाना में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों का मनोबल बढ़ गया है। परिवार का आरोप है कि दबंग बार-बार आकर धमकी देते हैं और घर छोड़ने का दबाव बनाते हैं। घटना के बाद से महिलाएं और बच्चे भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में जमीन विवाद को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। पड़ोसियों ने भी घटना पर चिंता जताई है और प्रशासन से पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
वहीं पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ सुरक्षित माहौल चाहिए ताकि वे अपने घर में शांति से रह सकें। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी जल्द कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिलती है।










