मोतिहारी, 2 फरवरी। जिले में इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा 2026 का आज से शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में शुभारंभ हो गया। परीक्षा के पहले ही दिन जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर परीक्षा संचालन का जायजा लिया और केंद्राधीक्षकों व प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में जिला स्कूल, मंगल सेमिनरी तथा प्रभावती गुप्ता स्कूल सहित कई प्रमुख परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इंटरमीडिएट परीक्षा को स्वच्छ, निष्पक्ष और पूरी तरह कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से प्राप्त निर्देशों के आलोक में 2 फरवरी से शुरू हुई यह परीक्षा 13 फरवरी 2026 तक चलेगी। परीक्षा के सफल संचालन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।

इस दौरान सभी केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 69 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हो रही है, जिसमें 60,592 छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं।
अनुमंडलवार परीक्षा केंद्रों की बात करें तो मोतिहारी अनुमंडल में 37, अरेराज में 7, सिकरहना में 6, पकड़ीदयाल में 5, रक्सौल में 6 तथा चकिया अनुमंडल में 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो सीटिंग में ली जा रही है। पहली सीटिंग सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक तथा दूसरी सीटिंग दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक निर्धारित की गई है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रथम सीटिंग के लिए परीक्षार्थियों का प्रवेश सुबह 9:00 बजे तक और द्वितीय सीटिंग के लिए 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र के अंदर संभव होगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन ने समय पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। 
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर चार-चार स्टैटिक दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनका दायित्व परीक्षा को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना तथा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना है। इसके अलावा दो से चार परीक्षा केंद्रों पर एक गश्ती दल दंडाधिकारी भी तैनात किए गए हैं, जो विधि-व्यवस्था पर नजर रखेंगे और परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटो स्टेट दुकानों की विशेष निगरानी करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा अवधि में इन दुकानों को बंद भी कराया जाएगा।
सदर अनुमंडल मोतिहारी के लिए 5 जोनल दंडाधिकारी तथा चकिया, अरेराज, पकड़ीदयाल, रक्सौल और सिकरहना अनुमंडलों के लिए एक-एक जोनल दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी दंडाधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहेंगे। इसके अतिरिक्त नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी और निदेशक डीआरडीए को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है, ताकि परीक्षा संचालन की उच्च स्तरीय निगरानी सुनिश्चित हो सके।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी सुबह 7:00 बजे तक अपने-अपने केंद्रों पर योगदान सुनिश्चित करेंगे। परीक्षा केंद्र के भीतर परीक्षार्थियों के अलावा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। प्रवेश के समय परीक्षार्थियों की अनिवार्य तलाशी ली जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी को चिट-पुर्जा, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, स्मार्ट घड़ी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में कदाचार करने, उसे प्रोत्साहित करने या आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 तथा माननीय उच्च न्यायालय, पटना के आदेशों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
केंद्राधीक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि सीट प्लान की एक प्रति मुख्य प्रवेश द्वार तथा एक प्रति सूचना पट पर चस्पा करना अनिवार्य होगा, ताकि परीक्षार्थियों को बैठने की व्यवस्था में कोई परेशानी न हो। परीक्षा केंद्र के अंदर दंडाधिकारी और वीक्षक भी मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं करेंगे। यहां तक कि उड़नदस्ता दल के पदाधिकारियों पर भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा। मीडिया कर्मियों के परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। यह नियंत्रण कक्ष सुबह 6:00 बजे से परीक्षा समाप्ति तक 06252-242418 नंबर पर कार्यरत रहेगा।
संयुक्त ब्रीफिंग के दौरान अपर समाहर्ता ने उपस्थित सभी अधिकारियों को संबोधित करते हुए परीक्षा की संवेदनशीलता पर जोर दिया और कहा कि यह परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के सभी डीपीओ तथा जिला गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर जिले में इंटर परीक्षा के पहले दिन प्रशासनिक सख्ती और सुव्यवस्थित प्रबंधन देखने को मिला। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निष्पक्ष परीक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं भयमुक्त वातावरण में अपनी परीक्षा दे सकें।










