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दिन के समय तेज धूप व भीषण गर्मी से पक्के मकानकी दीवारें पूरी तरह गर्म हो चुकी हैं। ऐसे में पक्के मकानों में रहने वाले लोग दिन की गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ों के नीचे पहुंच राहत की सांस ले रहे हैं।

गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिन का पारा अब चालीस डिग्री सेल्सियस से अधिक होने लगा है। जिससे इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी काफी बेहाल है। ऐसे में कभी किसी के इंतजार में तपती सड़क पर खड़ा होना हो तो हाल और खराब हो जातेे हैं।

चिलचिलाती धूप में सड़क पर लगे हरे पेड़़ ही लोगों को सुकून और राहत देने का एकमात्र सहारा बने हुए हैं। दोपहर में इन पेड़ों के नीचे रिक्‍शा ट्रॉली वालों के साथ-साथ अन्‍य लोग भी बड़ी संख्‍या में छाव तलाशते नजर आते हैं।

ऐसे में जहां कोई हरा पेड़ नजर आता परिजन वहां बड़ी संख्‍या में खड़े़े हो जाते। रघुनाथपुर स्थित बलगंगा में गोल्डेन नर्सरी में बहुत सारे लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ के नीचे बैठे नजर आए बैठे हुए लोगो ने बताया कि सूर्य कि रोशनी से घर का छत गर्म हो जा रहा है  और विजली पंखे से आने वाली हवा भी काफी गर्म हवा आ रही हैं गर्मी से निजात पाने के लिए पेड़ का सहारा लिए हम सभी लोग बैठे हुए है

हम सब जानते और महसूस करते हैं कि पेड़ कि छांव में गर्मी कम लगती है. इसल‍िए गर्मी से बेहाल लोग पेड़ की छांव तलाशते नजर आते हैं पेड़ों के पास जाने पर सकून का एहसास होता है आप को बताते चले कि पेड़ के नीचे समान्य तापमान से कम तापमान रहता है इसका आप सभी एहlसास भी कर सकते है

मोतिहारी जिले में विनोद जयसवाल पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रहे हैं. दरअसल, पौधे लगाना और उसकी देखभाल करना उनके रोज का काम है. इसके साथ ही वह आपने, एवम अपने नाती, पोतों के जंमदिवस् के अवसर पर जितने साल के वह होते हैं उतने हि पेड़ लगाकर जन्मदिवस मनाते हैं। जन्मदिन हि नही अपने बेटे कि शादी के शुभ अवासर पर सात फेरो से पहले सात पेड़ लगाकर शादी करने के लिए बारात निकाले

. इसके बाद अपने घर से निकलकर खुद से लगाए गए सैकड़ों पौधों में पानी डालते हैं.