जिलाधिकारी ने महिलाओं एवं बालिकाओं की तस्करी पर रोक लगाने हेतु विशेष निगरानी टीम के साथ बैठक का किया आयोजन

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मोतिहारी जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई ,पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी एवं श्रम विभाग अंतर्गत गठित जिला स्तरीय मानव व्यापार विरोधी समिति से संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

सीमावर्ती इलाकों में मानव एवं बाल व्यापार विशेषकर महिलाओं एवं बालिकाओं की तस्करी पर रोक लगाने / विशेष निगरानी हेतु सभी संबंधित पदाधिकारियों को निदेशित किया गया। साथ ही बाल विवाह ,ऑरकेष्ट्रा इत्यादि में संलिप्त व्यक्तियों पर नियमानुसार कारवाई हेतु आवश्यक दिशा- निदेश दिए गए।
डंकन अस्पताल से आये सदस्य डॉ. वंदना कांथ ने बताया कि बीते दिन में 18 वर्ष से कम की अविवाहित बालिकाओ में गर्भधारण के मामले बढ रहे हैं । साथ ही बाल रक्षा भारत के सदस्य हामिद रजा ने प्रखंड / पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समिति की बैठक नियमित कराने का सुझाव दिया।
जिलाधिकारी ने उक्त के संबंध में आवश्यक कारवाई का निदेश संबंधित पदाधिकारी को दिया ।

उक्त के साथ ही प्रायोजन योजना के लाभुकों के चयन हेतु जिलास्तरीय समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनाथ एवं बेसहारा/ गरीब परिवार के बच्चों के पालन पोषण एवं देखरेख सुनिश्चित करना है
इस योजना के तहत 3 वर्ष तक या 18 वर्ष पूर्ण होने तक प्रतिमाह 4000/- रुपये का भुगतान संयुक्त खाते में DBT के माध्यम से किया जाता है ।
उक्त समिति के सदस्य सचिव को अविलंव सरकार के इस महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिया गया।

उक्त बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक( मु.), असैनिक शल्य चिकित्सक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, विशेष कार्य पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति सदस्य , बाल संरक्षण पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई , सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण , जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारीगण एवं सदस्य उपस्थित थे।