जिले में लगातार गिरता जा रहा है जलस्तर, कई क्षेत्रों में टैंकर से की जा रही है पानी की आपूर्ति

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मोतिहारी जिले में पिछले 2 दिनों से पुरवइया हवा और हल्की बारिश से लोगों को भले ही भीषण गर्मी से निजात मिल गई हो, लेकिन जिले में लोगों के बीच पेयजल संकट बरकरार है। शनिवार की देर रात बारिश के साथ चली तेज रफ्तार आंधी से लोगो को आशा भरी निगाह से आकाश कि ओर टकटकी लगा देख रहे हैं

गौरतलब हो कि पिछले 1 महीने से जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है और मोतिहारी जिले का तापमान पिछले 1 सप्ताह से पूरे बिहार में ऊंचे स्तर पर बना हुआ हैं। भीषण गर्मी और लू के थपेड़े की वजह से दिन-ब-दिन जिले का जलस्तर गिरता जा रहा है

जिले के लखौरा मे टैंकर दवारा पानी कि आपूर्ति कराई जा रही हैं वही हरसिद्धि प्रखंड कि बात करे तो  किसानों को भारी संकट गहरा गया है। लोगों को फसल उगाने के लिए पानी की जरूरत है पर बारिस नहीं होने से धान और मकके कि बुआई नहीं हो पा रही हैं , इस बाबत सबकी नजरें जिला प्रशासन की ओर है।

कृषि कार्य पर पड़ेगा प्रभाव

जिले में नहरों एवं छोटी-छोटी नदियों पर निर्भर किसानों को फसलों की सिंचाई को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की माने तो जिले के अधिकांश नदियां सूख चुकी है और जिले में बहने वाली मुख्य नदी धनवती भी सूखने की कगार पर है। जिससे किसानों की  फसल पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर इसी तरह भीषण गर्मी पड़ती रही तो आने वाले समय में भूजल स्तर में कमी आएगी तो आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि कार्य पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

फसल में धान और मक्का सहित विभिन्न प्रकार के सब्जियों की फसल की सिंचाई पर संकट आ सकता है। वही हरसिधि प्रखंड मुख्यालय में रहने वाले उपेंद्र साहनी, शंकर साहनी, चंद्रिका साहनी, विष्णुदेव निषाद आदि ने बताया कि धनौती नदी में पूरे वैशाख महीने तक पानी लबालब भरा रहता था। जिससे यहां के मछुआरे पूरे वैशाख महीने तक नदी से मछली निकालते थे। लेकिन इस बार धनौती नदी सूखने की कगार पर है। आलम यह है कि लोगों समेत मवेशियों को भी काफी कठिनाई से पानी मिलती है।

वहीं ग्रामीण क्षेत्र में पानी का कुछ भागों में त्राहि माम मचा हुआ है। खेतों में नमी चले जाने के कारण धान की फसल सुख रहा है, बिछडे जल रहे हैं। कई जगह लोग पंपिंग सेट लगाने को मजबूर है, लेकिन उस उनके पास रूपया की अभाव है फतुहा वितरणी कनाल जो सिसवा कोड़र से मटियरिया चौक होते हुए हसुआहां स्कुल तक जाती है जो पिछले कई सालों से उसमें पानी बंद है जिसके कारण ग्रामीणों के द्वारा नहर को मिट्टी से भरकर खेत बना दिया गया है इस नहर को देखने के लिए कोई पदाधिकारी नहीं आते नहर का जाँच नहीं कि जाती है जल योजना को चालू कराने को लेकर पदाधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। जबकि ग्रामीण विपिन प्रसाद द्वारा प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नहर का जल योजना को अविलंब चालू कराने की मांग की है। कई जगह से शिकायतें आई है कि खेत में बिजली उपलब्ध नहीं रहने के कारण सिंचाई में  किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा  है।अल्प बर्षापात से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया है कि किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कृषि कार्य के लिए किसानों को डीजल अनुदान उपलब्ध कराया जाए तथा कृषि के लिए कार्य के लिए किसानों को 12 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। उत्पन्न जल संकट की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि किसानों को डीजल अनुदान उपलब्ध कराएं। नहर का जल व्यवस्था को दुरुस्त करे ताकि जल संकट से उत्पन्न समस्या का हल हो सके।इस मौके पर प्रभु प्रसाद गुप्ता, सुदामा प्रसाद गुप्ता, वृजकिशोर यादव, मुन्ना सिंह उपस्थित थे

R7BHARAT ARERAJ अनुमण्डल ब्यूरो नीरज मिश्र