भारत विकास परिषद की पहल की चार विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने की सराहना, स्कूल बैग व शैक्षणिक पाठ्य सामग्री देकर बढ़ाया बच्चों का उत्साह

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रक्सौल। प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिले, विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़े और नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति एवं गौरवशाली इतिहास से परिचित हो, इसी उद्देश्य से भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल के तत्वावधान में 31 अगस्त को आयोजित अखिल भारतीय ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता एवं 27 सितंबर को “शाखा स्तरीय प्रश्न मंच” में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके विद्यालयों में सम्मानित किया गया। परिषद की इस पहल से विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल रहा। विद्यालयों में अपनी कक्षाओं के अन्य विद्यार्थियों के बीच सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

गौरतलब है कि एस.ए.वी. स्कूल की आठवीं कक्षा की छात्रा समृद्धि श्रेया ने लिखित परीक्षा में 50 में से 44 अंक प्राप्त कर प्रतियोगिता में शामिल नौ विद्यालयों के बीच रक्सौल में सर्वोच्च स्थान हासिल किया था । वहीं कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल के अभिनव मिश्रा और मयंक कुमार ने क्रमशः वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्ग में लिखित परीक्षा और शाखा स्तरीय प्रश्न मंच प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था
साथ ही वरिष्ठ वर्ग में द चंद्रशील स्कूल के अंकित कुमार ने लिखित परीक्षा में प्रथम तथा प्रश्न मंच प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था । वहीं कनिष्ठ वर्ग में संत माइकल इंग्लिश स्कूल के सर्वेश साह ने लिखित परीक्षा में प्रथम और प्रश्न मंच प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी । इन विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने रक्सौल के शैक्षणिक जगत में प्रतिभा, परिश्रम और ज्ञान के प्रति लगन की मिसाल प्रस्तुत की।
भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल की ओर से सफल छात्र-छात्राओं को उनके विद्यालयों में जाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें स्कूल बैग, शैक्षणिक पाठ्य सामग्री एवं आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। कक्षाओं में अन्य विद्यार्थियों की उपस्थिति में सम्मानित किए जाने से न केवल सफल प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ा, बल्कि दूसरे बच्चों को भी अध्ययन, सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली।
परिषद का यह प्रयास शिक्षा के साथ संस्कार, राष्ट्रीय गौरव और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को नई उड़ान देने का प्रयास है। ‘भारत को जानो’ जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों को देश के इतिहास, संस्कृति, महापुरुषों और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। आज सम्मानित होने वाले बच्चे कल समाज और राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
परिषद के संस्कार संयोजक नीतेश कुमार सिंह एवं कोषाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और समृद्ध परंपराओं का ज्ञान भी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में जिज्ञासा, अध्ययनशीलता और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व की भावना विकसित करती हैं। मेधावियों का सम्मान दूसरे विद्यार्थियों को भी ज्ञानार्जन और निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

परिषद के संगठन सचिव अजय कुमार ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। बच्चों की उपलब्धियों को पहचानने और उनका सम्मान करने से उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है। भारत विकास परिषद शिक्षा, संस्कार और सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालयों, विद्यार्थियों और समाज के बीच रचनात्मक सहभागिता को बढ़ावा मिलता है।

परिषद के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री और उपयोगी उपहार देकर परिषद ने उनके अध्ययन को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है। प्रतिभाओं का सम्मान बच्चों में आगे बढ़ने का उत्साह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल की इस पहल की चार विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल के निदेशक विकास गिरि एवं प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाण्डेय, एस.ए.वी स्कूल के निदेशक सह प्रधानाचार्य साइमन रेक्स , संत माइकल इंग्लिश स्कूल के प्रधानाचार्य सत्यजीत दास तथा द चंद्रशील स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार सिन्हा एवं वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार झा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके बीच भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय गौरव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के परिषद के प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की।

प्रधानाचार्यों ने इस प्रकार की गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया। साथ ही उन्होंने परिषद की ओर से विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को सम्मानित करने की पहल को शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच सकारात्मक समन्वय का उदाहरण बताया ।
भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल परिवार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। परिषद ने विश्वास जताया कि ये विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और संस्कारों के बल पर आगे भी नई उपलब्धियां हासिल करेंगे और अपने विद्यालय, परिवार, रक्सौल तथा देश का नाम रोशन करेंगे। इसकी जानकारी परिषद के संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने दी है।