डाटा भेजने की समय-सीमा खत्म, फिर भी नहीं मिला तुरकौलिया के सांख्यिकी स्वयंसेवकों का पूरा विवरण

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24 घंटे में डाटा उपलब्ध कराने का था निर्देश, चार दिन बाद भी प्रखंड स्तर से जिला को नहीं मिली पूरी जानकारी; स्वयंसेवकों ने जताई नाराजगी

मोतिहारी। मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों के कार्य वापसी एवं विभागीय प्रक्रिया को लेकर डाटा संकलन में हो रही देरी को लेकर स्वयंसेवकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सांख्यिकी स्वयंसेवकों का कहना है कि योजना एवं विकास विभाग द्वारा मांगे गए डाटा को समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया तो इसका सीधा असर आगे होने वाली विभागीय प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, योजना एवं विकास विभाग के उपनिदेशक नूरुल हक शिवानी द्वारा 17 सितंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों को मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों का डाटा 18 सितंबर 2026 के अपराह्न तक योजना एवं विकास विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। लेकिन पूर्वी चंपारण जिले में सभी प्रखंडों से संपूर्ण डाटा उपलब्ध नहीं होने के कारण जिला स्तर पर विभाग को निर्धारित समय में पूरी जानकारी भेजने में परेशानी सामने आई।

इसके बाद पूर्वी चंपारण जिला सांख्यिकी कार्यालय (DSO) की ओर से 22 सितंबर 2026 को सभी संबंधित प्रखंडों को पत्र जारी किया गया। पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर अपने-अपने प्रखंड से संबंधित सांख्यिकी स्वयंसेवकों का संपूर्ण डाटा जिला कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि उसे आगे योजना एवं विकास विभाग को भेजा जा सके।

सांख्यिकी स्वयंसेवकों का आरोप है कि 26 सितंबर 2026 तक तुरकौलिया प्रखंड से संबंधित पूरा डाटा जिला कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे स्वयंसेवकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। स्वयंसेवकों का कहना है कि यदि समय पर तुरकौलिया प्रखंड का पूरा डाटा जिला स्तर पर उपलब्ध नहीं होता है और जिला कार्यालय को अधूरे डाटा के आधार पर योजना एवं विकास विभाग को रिपोर्ट भेजनी पड़ती है, तो भविष्य में विभाग की ओर से होने वाली किसी भी प्रक्रिया में उनका नाम अथवा विवरण छूटने की आशंका बनी रहेगी।

स्वयंसेवकों ने कहा कि वे लंबे समय से अपने कार्य में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में डाटा संकलन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी उनके लिए चिंता का विषय है। उनका कहना है कि डाटा केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि भविष्य की विभागीय कार्रवाई में स्वयंसेवकों की भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि तुरकौलिया प्रखंड से लंबित डाटा को तत्काल जिला कार्यालय में मंगाकर संपूर्ण विवरण योजना एवं विकास विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी भी स्वयंसेवक का नाम या विवरण प्रक्रिया से बाहर न रह जाए।

वहीं, स्वयंसेवकों ने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर डाटा उपलब्ध कराने में तकनीकी अथवा प्रशासनिक कठिनाई है तो संबंधित प्रखंड एवं जिला स्तर के अधिकारी आपसी समन्वय से उसका समाधान करें। स्वयंसेवकों का कहना है कि वे किसी अधिकारी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि उनकी मांग केवल इतनी है कि विभागीय निर्देश के अनुरूप समयबद्ध तरीके से सभी प्रखंडों का पूरा डाटा संकलित कर आगे भेजा जाए।

अब देखना होगा कि तुरकौलिया प्रखंड से लंबित सांख्यिकी स्वयंसेवकों का डाटा जिला कार्यालय को कब तक उपलब्ध कराया जाता है और योजना एवं विकास विभाग की आगामी प्रक्रिया में जिले के सभी पात्र सांख्यिकी स्वयंसेवकों का संपूर्ण विवरण शामिल हो पाता है या नहीं।