वार्ड-11 में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन विवादों के घेरे में, सरपंच और ग्रामीणों ने पूछा—सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद यहीं क्यों चुनी गई जगह?

249

तुरकौलिया। प्रखंड क्षेत्र के जयसिंहपुर पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर-11 में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन विवादों के घेरे में आ गया है। पंचायत भवन के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत के सरपंच बृज किशोर प्रसाद ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन के निर्माण के लिए छठ घाट को तोड़कर जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पंचायत क्षेत्र में अन्य जगहों पर भी सरकारी जमीन खाली पड़ी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है, वह सौदाह स्थल के बगल में स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसी जगह पर पंचायत भवन का निर्माण कराया जाना कई सवालों को जन्म देता है। उनका कहना है कि पंचायत सरकार भवन सार्वजनिक उपयोग की महत्वपूर्ण सरकारी इमारत होती है, इसलिए इसके निर्माण के लिए स्थान का चयन सभी नियमों और मानकों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पंचायत में अन्य सरकारी जमीन उपलब्ध है तो फिर छठ घाट को तोड़कर पंचायत सरकार भवन का निर्माण क्यों कराया जा रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि छठ घाट केवल एक खाली जमीन नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए धार्मिक और सामाजिक आस्था से जुड़ा सार्वजनिक स्थल है। ऐसे में छठ घाट को हटाकर वहां पंचायत भवन का निर्माण कराया जाना लोगों की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है।

NOC को लेकर भी उठ रहे सवाल

पंचायत सरकार भवन के निर्माण स्थल को लेकर ग्रामीणों ने एनओसी (NOC) जारी होने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल सौदागर के बगल में है और वहां पंचायत सरकार भवन बनाने की अनुमति दी गई है, तो आखिर संबंधित विभाग की ओर से इस स्थान के लिए एनओसी किस आधार पर जारी की गई?

ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करें और यह स्पष्ट करें कि पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए जमीन का चयन किन नियमों के तहत किया गया है। साथ ही यह भी जांच हो कि निर्माण के लिए आवश्यक सभी विभागीय अनुमतियां और एनओसी नियमानुसार प्राप्त की गई हैं या नहीं।

सरपंच ने भी उठाई आपत्ति

जयसिंहपुर पूर्वी पंचायत के सरपंच बृज किशोर प्रसाद ने भी निर्माण स्थल को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पंचायत में अन्य सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद छठ घाट की जमीन पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जाना उचित नहीं है। सरपंच और ग्रामीणों ने निर्माण स्थल की जांच कराकर उचित स्थान पर पंचायत भवन बनाने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पंचायत सरकार भवन के निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि उनकी आपत्ति निर्माण स्थल और जमीन के चयन को लेकर है। ग्रामीण चाहते हैं कि सरकारी राशि से बनने वाली इस महत्वपूर्ण इमारत का निर्माण नियमों के अनुरूप और ऐसे स्थान पर कराया जाए, जहां भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों और सरपंच की ओर से उठाए गए सवालों पर प्रखंड प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करता है। निर्माण स्थल की जांच और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि पंचायत सरकार भवन के लिए स्थल चयन में नियमों का पालन हुआ है या नहीं।