मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और परिवहन के खिलाफ चलाएं नियमित छापामारी अभियान: जिलाधिकारी

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पूर्वी चंपारण समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में जिला स्तरीय नार्को-कोऑर्डिनेशन (NCORD) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव एवं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने की। बैठक के दौरान जिले में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार, भंडारण, परिवहन और इसके सेवन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय और सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई।

जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल बिठाकर नियमित रूप से छापामारी अभियान चलाएं और इस अवैध धंधे में पकड़े गए लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जिले के सीमावर्ती अनुमंडलों, खासकर रक्सौल और ढाका क्षेत्र में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा नियमित रूप से संयुक्त छापामारी अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने एसएसबी को स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने और जिला कृषि पदाधिकारी को सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद की दुकानों का नियमित स्टॉक वेरिफिकेशन करने की हिदायत दी।

बैठक में सुरक्षा बलों के कमांडेंट द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रक्सौल स्थित सशस्त्र सीमा बल की 47वीं बटालियन के कमांडेंट ने बताया कि पिछले एक माह में स्थानीय पुलिस के साथ चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में भारी मात्रा में गांजा, स्मैक और चरस बरामद किया गया है, जबकि दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं पिपरा कोठी स्थित 71वीं बटालियन के कमांडेंट ने जानकारी दी कि पुलिस के सहयोग से नार्कोटिक्स के 6 मामले दर्ज किए गए हैं और 7 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही संदिग्ध ड्रग्स दुकानों पर भी छापेमारी की गई है। इसके अलावा जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि उर्वरक के अवैध व्यापार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है और 1 अप्रैल से अब तक जिले में 439 छापेमारी की गई है, जिसमें अनियमितता पाए जाने पर 8 विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, 5 दुकानों के लाइसेंस रद्द और 5 के निलंबित किए गए हैं।

बैठक में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने सभी निरोधात्मक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसी भी कार्रवाई से पूर्व स्थानीय थाने को अनिवार्य रूप से सूचित करें ताकि बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं में मादक पदार्थों का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जिसका उनके स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर बेहद घातक प्रभाव पड़ रहा है। इसे रोकने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त व प्रभावी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा, जिला परिवहन पदाधिकारी निवेदिता कुमारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार सहित रक्सौल व ढाका के अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), एसएसबी की 20वीं, 47वीं व 71वीं बटालियन के समादेष्टा, औषधि नियंत्रक, जिला कृषि पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, मद्यनिषेध अधीक्षक, डीपीओ (आईसीडीएस) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मोतिहारी के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।