10.54 किलो संदिग्ध अफीम के साथ 4 गिरफ्तार,

24

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ और डुमरियाघाट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर नरसिंह बाबा मंदिर के समीप की गई विशेष घेराबंदी के दौरान एक उजले रंग की एर्टिगा कार (BR 01 FS 5368) से 10.54 किलोग्राम अफीम जैसा संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद किया गया। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि उनकी निशानदेही पर मादक पदार्थ उपलब्ध कराने वाले एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ के सहयोग से डुमरियाघाट थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। जांच के दौरान संदिग्ध एर्टिगा कार की तलाशी ली गई, जिसमें बेहद सुनियोजित तरीके से छिपाकर रखा गया 10.54 किलो अफीम जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ। बरामदगी के बाद मौके पर मौजूद तीनों आरोपियों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साजन कुमार यादव (21 वर्ष), पिता कैलाश यादव, थाना चतरा, जिला चतरा (झारखंड), मुन्ना कुमार यादव (24 वर्ष), पिता स्वर्गीय रामदेव महतो, सिंघवारी वार्ड संख्या-4, थाना चतरा, जिला चतरा (झारखंड) तथा अनुज कुमार साव (27 वर्ष), पिता होरिल साव, हिरी बागीचा, थाना मोहनपुर, जिला गया के रूप में हुई है।

पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े एक अन्य आरोपी जितेंद्र चौधरी, पिता स्वर्गीय चनर चौधरी, निवासी सरैया खास, थाना गोविंदगंज, जिला पूर्वी चंपारण को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि यही आरोपी गिरफ्तार तस्करों को मादक पदार्थ उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहा था।

इस मामले में डुमरियाघाट थाना में कांड संख्या 188/26, दिनांक 12 जून 2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/17(c)/18(c)/23(c)/25/29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब बरामद मादक पदार्थ की वैज्ञानिक जांच, उसके स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इससे जुड़े अन्य संभावित तस्करों की पहचान में जुटी हुई है।

प्राथमिक जांच से यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है और बिहार के रास्ते मादक पदार्थों की बड़ी खेप की आवाजाही में शामिल रहा हो। पुलिस जब्त एर्टिगा कार, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

एसटीएफ और डुमरियाघाट पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को पूर्वी चंपारण में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच लगातार जारी रहेगी।