पूर्वी चंपारण जिले के पताही प्रखंड क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शेखपुरवा बाजार में चल रहे दो अवैध आरा मशीन को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई दिनेश महतो द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में की गई। इस दौरान वनपाल मनीषा कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अवैध मशीन को जब्त कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शेखपुरवा बाजार में काफी समय से बिना किसी वैध अनुमति के आरा मशीन संचालित की जा रही थी। इसकी शिकायत स्थानीय निवासी दिनेश महतो द्वारा वन विभाग को लिखित रूप में दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की और कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
वनपाल मनीषा कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध आरा मशीन पर छापेमारी की। जांच के दौरान यह पाया गया कि मशीन का संचालन बिना किसी वैध लाइसेंस के किया जा रहा था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को ध्वस्त कर दिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
इस मामले में मशीन के मालिक राकेश कुमार साह और चूलाही साह के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से आरा मशीन चलाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वनपाल मनीषा कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग बिना अनुमति के आरा मशीन या अन्य अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जंगल और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वन विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध मशीन संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध आरा मशीनों के कारण जंगलों से लगातार लकड़ियों की कटाई की जा रही थी, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा था।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों का कहना है कि यदि अवैध मशीनों पर समय-समय पर कार्रवाई होती रही, तो जंगलों की कटाई पर रोक लगेगी और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
वन विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित किसी भी मशीन को बख्शा नहीं जाएगा और जंगल की सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चलाया जाता रहेगा।










