पूर्वी चंपारण में POSH एक्ट पर कार्यशाला: सुरक्षित कार्यस्थल बनाने पर जोर

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महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के आदेशानुसार आज 18 फरवरी 2026 को राजेंद्र सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम 2013 (POSH Act) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना तथा संबंधित कानून के प्रावधानों की जानकारी पदाधिकारियों तक पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण उपस्थित रहे। उनके साथ सचिव डीएलएसए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पूर्वी चंपारण के प्रतिनिधि, नगर आयुक्त, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्य स्तरीय प्रशिक्षक  के रूप में गुंजन कुमारी ने कार्यशाला का संचालन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी संस्थानों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि POSH अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

डीएलएसए के सचिव ने सभी कार्यालयों एवं संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति के गठन की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह समिति महिलाओं की शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निवारण के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने कानूनी प्रावधानों और शिकायत प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

राज्य स्तरीय प्रशिक्षक गुंजन कुमारी ने कार्यशाला के दौरान POSH अधिनियम 2013 की धाराओं, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, जांच की समयसीमा, नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों तथा पीड़ित महिलाओं के अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और कई व्यावहारिक प्रश्न भी पूछे, जिनका समाधान विशेषज्ञ द्वारा किया गया।

कार्यशाला में जिले के सभी जिला स्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को POSH एक्ट से संबंधित गाइडलाइन, पंपलेट, फाइल, डायरी और पेन उपलब्ध कराए गए ताकि वे अपने-अपने कार्यालयों में अधिनियम का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कर सकें। बड़ी संख्या में उपस्थित प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाला कार्यक्रम बताया।

कार्यक्रम के समापन सत्र में विशेषज्ञों ने कहा कि POSH एक्ट 2013 महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानून है। यह अधिनियम 9 दिसंबर 2013 से पूरे देश में लागू है और संसद द्वारा पारित किया गया था, जिसने 1997 के विशाखा दिशानिर्देशों का स्थान लिया।

कार्यशाला के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे अपने संस्थानों में शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करें और जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करें, ताकि कार्यस्थल महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित बन सके।