बिहार में होली जैसे महापर्व से लगभग 16 दिन पहले बिहार सरकार ने राज्य के शहरी इलाकों के लिए एक बड़ा और सख्त प्रशासनिक निर्णय लिया है। अब शहरों में खुले में मांस और मछली की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केवल वही दुकानदार मांस-मछली बेच सकेंगे जिनके पास वैध लाइसेंस होगा। बिना लाइसेंस दुकान लगाने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस फैसले की घोषणा सोमवार को बजट सत्र के दौरान में की गई। सरकार ने साफ किया है कि यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा, शहरी स्वच्छता और आम जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। प्रशासन का मानना है कि अनियंत्रित और खुले में मांस-मछली की बिक्री से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
सरकार के अनुसार यह नियम राज्य के सभी नगर निकायों में समान रूप से लागू होगा। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराएं। स्थानीय प्रशासन को निरीक्षण अभियान चलाने और अवैध दुकानों पर तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
इस फैसले के बाद शहरी दुकानदारों में हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारियों का कहना है कि उन्हें लाइसेंस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जाए ताकि वे नियमों का पालन कर सकें। वहीं दूसरी ओर, कई नागरिकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे शहर साफ-सुथरे रहेंगे और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवस्था बेहतर होगी।
होली के मद्देनजर प्रशासन विशेष निगरानी भी रखेगा ताकि किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था पैदा न हो। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले पर आम जनता और व्यापारियों की अंतिम प्रतिक्रिया क्या रहती है। बिहार का नंबर वन डिजिटल न्यूज़ चैनल रिपब्लिक 7 भारत जनता के बीच जाकर उनकी राय जानेगा और इस मुद्दे पर लोगों की आवाज़ आप तक पहुंचाने की कोशिश करेगा।










