12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल को लेकर ऑटो-ई रिक्शा चालकों का बड़ा ऐलान, पूर्वी चंपारण में सेवाएं रहेंगी ठप — छात्रों को दी राहत

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पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों ने अपनी समस्याओं को लेकर एकजुटता दिखाते हुए बड़ा निर्णय लिया है। मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को बलुआ चौक पर मोतिहारी जिला ऑटो एवं ई-रिक्शा चालक संघ की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले भर से सैकड़ों चालक शामिल हुए। बैठक में 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया गया और पूर्वी चंपारण में ऑटो एवं ई-रिक्शा का पूर्ण बंद रखने की घोषणा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता ने चालकों को विस्तार से वर्तमान परिस्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि परिवहन उद्योग पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक स्वरोजगार देने वाला क्षेत्र है, लेकिन सरकार की उपेक्षा और स्थानीय स्तर पर दबंगों के शोषण के कारण यह उद्योग दम तोड़ने की कगार पर पहुंच चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो हजारों परिवार बेरोजगारी और कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे।

हालांकि संघ ने एक संवेदनशील फैसला लेते हुए स्पष्ट किया कि इंटर परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को हड़ताल से प्रभावित नहीं किया जाएगा। जिला अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा से जुड़ा कोई भी कार्य बाधित नहीं होगा और जरूरत पड़ने पर छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इस फैसले को बैठक में मौजूद चालकों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया।

चालकों ने अपनी आर्थिक परेशानियों को भी खुलकर सामने रखा। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में छोटे वाहन चालक अपनी गाड़ियों की किस्त तक नहीं चुका पा रहे हैं। परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। रोड टैक्स, फिटनेस टैक्स, प्रदूषण टैक्स, परमिट टैक्स और टोल टैक्स जैसे अनेक शुल्क देने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिल रही।

बैठक में अवैध वसूली का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। चालकों का आरोप है कि नगर निगम, नगर परिषद, जिला परिषद और नगर पंचायत के नाम पर पार्किंग और पड़ाव स्थल के बहाने प्रतिदिन उनसे ₹20 से लेकर ₹50 तक की अवैध वसूली की जा रही है। इसके बावजूद जिले के किसी भी प्रमुख चौक-चौराहे पर ऑटो एवं ई-रिक्शा के लिए व्यवस्थित स्टैंड की व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में चालक सड़क किनारे वाहन खड़े करते हैं और फिर उन्हीं से जुर्माना या अवैध वसूली की जाती है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी और इसका उद्देश्य सरकार और प्रशासन का ध्यान चालकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। बैठक में उपाध्यक्ष प्रदीप साहनी, संगठन मंत्री हमराज हाशमी, सह सचिव फिरोज आलम, पवन ठाकुर, अशोक तिवारी, प्रमोद राम समेत सैकड़ों चालक उपस्थित रहे।

चालकों ने एक स्वर में कहा कि वे अपने हक और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे, ताकि परिवहन क्षेत्र से जुड़े हजारों परिवारों का भविष्य सुरक्षित रह सके।