जेल से विधानसभा तक: अनंत सिंह को कोर्ट से राहत, कड़ी सुरक्षा में लेंगे विधायक पद की शपथ

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मुख्य बिन्दु

* पटना सिविल कोर्ट ने आनंद सिंह को शपथ       समारोह में शामिल होने की अनुमति दे दी
* दुलारचंद यादव हत्याकांड में फिलहाल बेऊर जेल में बंद हैं
* शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद अनंत सिंह को तुरंत वापस बेऊर जेल भेज दिया जाएगा

पटना: मोकामा विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक और चर्चित बाहुबली नेता अनंत सिंह मंगलवार को विधायक पद की शपथ लेंगे। उनके शपथ ग्रहण को लेकर पिछले कई दिनों से बना सस्पेंस सोमवार को आखिरकार खत्म हो गया, जब पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें शपथ समारोह में शामिल होने की अनुमति दे दी। कोर्ट के इस फैसले को अनंत सिंह के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

दुलारचंद यादव हत्याकांड में फिलहाल बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह की जमानत याचिका पहले ही निचली अदालत से खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद उनके विधायक पद की शपथ पर संकट गहराता नजर आ रहा था। राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी कि क्या वे समय पर शपथ ले पाएंगे या नहीं। ऐसे में अदालत की अनुमति ने इस अनिश्चितता पर विराम लगा दिया है।

कोर्ट के आदेश के अनुसार, अनंत सिंह को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेऊर जेल से बिहार विधानसभा लाया जाएगा। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारी की है, ताकि शपथ ग्रहण प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद अनंत सिंह को तुरंत वापस बेऊर जेल भेज दिया जाएगा। चूंकि दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें अभी तक नियमित जमानत नहीं मिली है, इसलिए वे न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी रिहाई पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

अनंत सिंह की शपथ को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज है। समर्थकों में जहां उत्साह का माहौल है, वहीं विरोधी दल इस मुद्दे पर सरकार और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अदालत के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।

मोकामा की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले अनंत सिंह की यह शपथ कई मायनों में अहम मानी जा रही है। जेल में रहते हुए चुनाव जीतना और फिर अदालत की अनुमति से शपथ लेना, बिहार की राजनीति में एक बार फिर अपराध, कानून और लोकतंत्र के रिश्ते पर बहस को तेज कर रहा है। अब सबकी नजर मंगलवार को होने वाले शपथ ग्रहण पर टिकी है, जो राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।