मोतिहारी में जॉर्ज ऑरवेल आश्रम का संयुक्त निरीक्षण, संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने दिए अहम निर्देश

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मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या–19 में स्थित विश्वविख्यात लेखक जॉर्ज ऑरवेल से जुड़े ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर स्थल जॉर्ज ऑरवेल आश्रम का जिलाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल ने नगर आयुक्त  आशीष कुमार एवं अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर मोतिहारी  निशांत सिहारा के साथ संयुक्त रूप से भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी महोदय ने आश्रम परिसर के प्रत्येक हिस्से का बारीकी से गहन निरीक्षण करते हुए इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी  सौरभ जोरवाल ने कहा कि जॉर्ज ऑरवेल आश्रम केवल मोतिहारी ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है। इस स्थल का संरक्षण एवं संवर्धन प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आश्रम की वर्तमान स्थिति का विस्तृत आकलन कर एक ठोस और व्यावहारिक कार्य योजना तैयार की जाए, ताकि इस धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त एवं अनुमण्डल पदाधिकारी को निर्देशित किया कि आश्रम परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐतिहासिक स्थलों पर अतिक्रमण न केवल उनकी पहचान को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यटन की संभावनाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस दिशा में नगर निगम एवं अनुमण्डल प्रशासन को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी सुझाव दिया कि आश्रम परिसर में सूचना पट्ट, मार्गदर्शक संकेतक तथा आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों एवं साहित्य प्रेमियों को बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि जॉर्ज ऑरवेल का मोतिहारी से ऐतिहासिक जुड़ाव है और इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं हैं।

नगर आयुक्त  आशीष कुमार ने आश्वस्त किया कि नगर निगम की ओर से साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण एवं अतिक्रमण हटाने की दिशा में आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। वहीं, अनुमण्डल पदाधिकारी श्री निशांत सिहारा ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर एक समन्वित कार्य योजना बनाकर संबंधित विभागों के सहयोग से इस धरोहर के संरक्षण का कार्य किया जाएगा।

स्थानीय नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि जॉर्ज ऑरवेल आश्रम को संरक्षित कर मोतिहारी को साहित्यिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। जिलाधिकारी के इस निरीक्षण से यह स्पष्ट संदेश गया कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन गंभीर एवं प्रतिबद्ध है।