बसंत पंचमी पर सीकरीया फार्मेसी कॉलेज में सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन, शिक्षा-संस्कार का दिया गया संदेश

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सीकरीया (मोतिहारी)। विद्या, विवेक और संस्कार की देवी मां सरस्वती की आराधना का पावन पर्व बसंत पंचमी सीकरीया फार्मेसी कॉलेज परिसर में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता यमुना सीकरीया के नेतृत्व में कॉलेज परिसर में भव्य सरस्वती पूजा उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा, संस्कृति और सनातन मूल्यों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम संपन्न हुआ।।

पूरे कॉलेज परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पीले वस्त्रों, पुष्पों और धार्मिक प्रतीकों से सजे मंच पर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और गणमान्य अतिथियों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।


राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक जगत के कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद

इस गरिमामय अवसर पर मत्स्य आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी, उपमहापौर लालबाबू प्रसाद, भाजपा युवा नेता यमुना सीकरीया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा अखिलेश सिंह, भाजपा नेत्री डॉक्टर हिना चंद्र, कॉलेज की प्राचार्य प्रीति दुबे सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इनके साथ-साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण एवं स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।

सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।


नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन और भगवान श्रीकृष्ण के 24 अवतारों के चित्र का अनावरण

कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सीकरीया फार्मेसी कॉलेज के नवनिर्मित ऑफिस का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के 24 अवतारों के चित्र का विधिवत अनावरण भी किया गया, जिसे देख उपस्थित छात्र-छात्राओं और अतिथियों में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति देखने को मिली।

इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों के बीच मां सरस्वती की तस्वीरों का वितरण भी किया गया, ताकि विद्यार्थी अपने जीवन में विद्या, अनुशासन और संस्कार को आत्मसात कर सकें।


यमुना सीकरीया बोले— संस्कारयुक्त शिक्षा ही मजबूत राष्ट्र की नींव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा युवा नेता यमुना सीकरीया ने कहा कि “आज की युवा पीढ़ी को केवल डिग्री नहीं, बल्कि संस्कार और संस्कृति से भी जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से मैंने निर्णय लिया है कि सीकरीया फार्मेसी कॉलेज में प्रत्येक नए नामांकन पर छात्रों को मां सरस्वती की तस्वीर भेंट की जाएगी, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों को भी समझें।”

उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थान केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं और ऐसे आयोजनों से छात्रों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।


ललन सहनी— धर्म और संस्कृति से जुड़ेंगे तो समाज मजबूत होगा

मत्स्य आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी ने अपने संबोधन में कहा कि “इस प्रकार के धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्रों में हमारे धर्म और परंपराओं के प्रति जागरूकता लाते हैं। जब युवा अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हैं, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत बनता है।”

उन्होंने सीकरीया फार्मेसी कॉलेज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने का भी कार्य कर रहा है।


लालबाबू प्रसाद— भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर

उपमहापौर लालबाबू प्रसाद ने कहा कि “हमारा देश आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में भारत विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा। ऐसे आयोजनों से हमारी सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है और नई पीढ़ी को दिशा मिलती है।”


डॉ. हिना चंद्र— हर स्कूल-कॉलेज में ऐसे आयोजन होने चाहिए

भाजपा नेत्री डॉक्टर हिना चंद्र ने कहा कि“सरस्वती पूजा जैसे आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि शैक्षणिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ाने वाले होते हैं। ऐसे कार्यक्रम हर स्कूल और कॉलेज में अनिवार्य रूप से होने चाहिए।”


अखिलेश सिंह— सनातन संस्कृति के लिए मील का पत्थर

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा अखिलेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि“सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में यह आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगा। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का यह सराहनीय प्रयास है।”


पंडित अमित राज द्वारा संपन्न हुआ पूजनोत्सव

पूरे पूजनोत्सव का संचालन पंडित अमित राज द्वारा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और मां सरस्वती के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।


संस्कार, संस्कृति और शिक्षा का संगम बना आयोजन

कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं सामूहिक संवाद के साथ हुआ। उपस्थित छात्रों ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि अपने लक्ष्य के प्रति नई ऊर्जा भी प्राप्त होती है।

कुल मिलाकर, सीकरीया फार्मेसी कॉलेज में आयोजित सरस्वती पूजा उत्सव शिक्षा, संस्कृति और सनातन परंपरा के सुंदर संगम के रूप में यादगार बन गया