मोतिहारी। 22 जनवरी 2026 को पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात द्वारा ढाका थाना परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। जनता दरबार के दौरान कुल 15 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकतर मामले मारपीट, जमीन विवाद, पारिवारिक विवाद और लंबित अनुसंधान से जुड़े थे।
जनता दरबार के दौरान एक मामला विशेष रूप से सामने आया, जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि चिरैया थाना क्षेत्र से एक महिला फरियादी जनता दरबार में पहुंची थी। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जिसमें उसके सिर में करीब 32 टांके लगे थे। यह महिला इससे पहले भी जनता दरबार में अपनी शिकायत लेकर आ चुकी थी, जहां संबंधित मामले के अनुसंधानकर्ता को शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था।
इसके बावजूद, आज वही पीड़िता दोबारा ढाका थाना में आयोजित जनता दरबार में पहुंची और एसपी से शिकायत की कि अब तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही उसे न्याय मिला है। पीड़िता की बातों को गंभीरता से लेते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले की तत्काल समीक्षा की और लापरवाही बरतने वाले अनुसंधानकर्ता राम कुमार पसवान को निलंबित कर दिया।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों और गंभीर मारपीट के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले जिन मामलों में धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगती थी, वह अब बदलकर धारा 107 के अंतर्गत आती है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि पुलिस ढीला रवैया अपनाए। ऐसे मामलों में अनुसंधानकर्ता को उसी दिन कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी होगी और पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना होगा।
एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज तो केवल अनुसंधानकर्ता पर कार्रवाई की गई है, लेकिन यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित थाना प्रभारी और सर्किल इंस्पेक्टर पर भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में आए मामलों का समयबद्ध निष्पादन करें और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता बनाएं।
जनता दरबार के अंत में एसपी स्वर्ण प्रभात ने आम लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को निडर होकर सामने रखें और पुलिस प्रशासन पर भरोसा रखें। जनता दरबार का उद्देश्य ही यही है कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान हो सके।








