रक्सौल। मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक सराहनीय मिसाल उस समय देखने को मिली, जब रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनीष आनंद ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति की जान बचाई। यह घटना रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र की है, जहाँ एक अज्ञात व्यक्ति सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर काफी समय से सड़क किनारे पड़ा हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद काफी देर तक कोई भी घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे नहीं आया। इसी दौरान क्षेत्र में गश्त अथवा निरीक्षण के क्रम में पहुंचे एसडीपीओ मनीष आनंद की नजर सड़क किनारे पड़े घायल व्यक्ति पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना किसी देरी के मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया और तुरंत घायल को अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की।
एसडीपीओ मनीष आनंद ने स्थानीय पुलिस बल की सहायता से घायल व्यक्ति को सुरक्षित रूप से नजदीकी सरकारी अस्पताल भिजवाया, जहाँ डॉक्टरों द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण घायल व्यक्ति की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।
पूरे घटनाक्रम में एसडीपीओ मनीष आनंद की तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्रवासियों ने खुले दिल से प्रशंसा की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते घायल को अस्पताल नहीं पहुँचाया जाता, तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। पुलिस अधिकारी द्वारा स्वयं पहल कर घायल की मदद करना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
एसडीपीओ मनीष आनंद ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस का कर्तव्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद और पीड़ित लोगों की मदद करना भी है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि सड़क दुर्घटना या किसी भी आपात स्थिति में घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं और मानवता का परिचय दें।
यह घटना न केवल पुलिस की संवेदनशील छवि को दर्शाती है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है। रक्सौल में एसडीपीओ मनीष आनंद द्वारा किया गया यह सराहनीय कार्य निश्चित रूप से अन्य अधिकारियों और आम नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।








