बिहार में विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की हकीकत परखने के उद्देश्य से शुरू की गई माननीय मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के क्रम में आज पूर्वी चंपारण जिले का व्यापक भ्रमण किया गया। इस दौरान जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया गया और आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया गया। मुख्यमंत्री के इस दौरे को जिले के विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पूर्वी चंपारण दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले को बड़ी विकास सौगात दी। उन्होंने कुल 34 करोड़ रुपये की लागत से 40 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 138 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई 30 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इन योजनाओं में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आधारभूत संरचना और शहरी सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन, रोजगार और जनसुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री मोतिहारी स्थित महिला आईटीआई पहुंचे, जहां उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं, आधुनिक मशीनों और तकनीकी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनके अनुभव, समस्याएं और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंजुराहा गांव का दौरा कर वहां निर्माणाधीन पुल एवं अन्य विकास योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा और उपयोगिता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आम लोगों को इसका शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्वी चंपारण में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं की अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी की। बैठक में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पेयजल, आवास योजना, स्वच्छता, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समृद्धि यात्रा का उद्देश्य केवल योजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर यह देखना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में जनता तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण करें और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री मोतिहारी के गांधी मैदान में आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जनता के सहयोग से ही बिहार को विकसित राज्य बनाया जा सकता है।
जन-संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के दरवाजे तक जाकर उनकी बात सुन रही है और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री के इस संवाद को जनता ने सकारात्मक रूप से लिया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री का यह पूर्वी चंपारण दौरा जिले के लिए विकास, समीक्षा और संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। करोड़ों की योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के साथ-साथ अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश और जनता से सीधा संवाद इस बात का संकेत है कि सरकार विकास कार्यों को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन योजनाओं के पूर्ण होने से पूर्वी चंपारण जिले में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।








