मोतिहारी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस का जागरूकता अभियान, अभया ब्रिगेड के तहत पार्कों में पहुंची पुलिस टीम

60

मोतिहारी, पू. : जिले में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहा है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अभया ब्रिगेड योजना के तहत बुधवार को मोतिहारी शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर एक विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, जिसने आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

पार्को में पहुँची पुलिस
पार्को में पहुँची पुलिस

यह अभियान विवेकानंद पार्क, चरखा पार्क और सत्याग्रह पार्क में आयोजित किया गया, जहां सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां, छात्राएं और आम नागरिक मौजूद थे। अभियान का नेतृत्व प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका और महिला थाना प्रभारी मोना कुमारी ने किया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी से महिलाओं में एक अलग तरह का भरोसा और आत्मविश्वास देखने को मिला।

अभियान के दौरान प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अभया ब्रिगेड का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उन्हें हर स्तर पर सहयोग देना है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की आधी आबादी हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की छेड़खानी, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना या साइबर अपराध की स्थिति में वे बिना किसी डर और संकोच के पुलिस से संपर्क करें।

डीएसपी कुमारी प्रियंका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेती है और त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाएं सामाजिक बदनामी या डर के कारण चुप रहती हैं, लेकिन चुप रहना अपराध को बढ़ावा देता है। अगर महिलाएं समय पर आवाज उठाएं तो अपराधियों को रोका जा सकता है। पुलिस हर समय उनकी सहायता के लिए तत्पर है।

वहीं महिला थाना प्रभारी मोना कुमारी ने अभियान के दौरान महिलाओं को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 1091 सहित अन्य महत्वपूर्ण संपर्क नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये नंबर 24 घंटे सक्रिय रहते हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जाती है। उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि शिकायत करने पर उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, ताकि किसी भी प्रकार का दबाव या डर न रहे।

महिला थाना प्रभारी ने कहा कि आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उनके सामने चुनौतियां भी बढ़ी हैं। कई बार घरेलू हिंसा या उत्पीड़न को महिलाएं अपनी किस्मत मानकर सहन कर लेती हैं, जो बिल्कुल गलत है। अब समय बदल रहा है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आवाज उठानी चाहिए। पुलिस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

अभियान के दौरान महिलाओं और युवतियों को आत्मरक्षा के सरल उपाय भी बताए गए। पुलिस टीम ने बताया कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहना जरूरी है। साथ ही स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें अनजान लोगों से दोस्ती न करने, अपनी निजी जानकारी साझा न करने और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की सलाह दी गई।

पुलिस टीम द्वारा पंपलेट के माध्यम से भी महिलाओं को कानून संबंधी जानकारी दी गई, जिसमें महिला सुरक्षा से जुड़े कानून, हेल्पलाइन नंबर और अभया ब्रिगेड की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। पंपलेट पाकर महिलाओं ने इसे उपयोगी बताया और कहा कि इससे उन्हें जरूरत के समय मदद लेने में आसानी होगी।

इस अभियान में एएसआई मनोहर लाल वर्मा, महिला सिपाही बेबी कुमारी और पुष्पांजलि कुमारी की भी सक्रिय भूमिका रही। महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से महिलाओं ने खुद को ज्यादा सहज महसूस किया।

स्थानीय लोगों और पार्क में मौजूद नागरिकों ने इस पहल की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि ऐसे जागरूकता अभियानों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और अपराधियों में डर पैदा होता है। कई महिलाओं ने कहा कि पुलिस का इस तरह से आम लोगों के बीच आकर संवाद करना सराहनीय कदम है और इससे पुलिस व जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं है, बल्कि भविष्य में भी जिले के अन्य क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों, स्कूलों और कॉलेजों में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्देश्य यह है कि जिले की हर महिला खुद को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर महसूस करे।

कुल मिलाकर, मोतिहारी में अभया ब्रिगेड के तहत चलाया गया यह जागरूकता अभियान महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। पुलिस प्रशासन की यह पहल न सिर्फ महिलाओं को जागरूक कर रही है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी दे रही है कि कानून उनके साथ है और अपराध के खिलाफ लड़ाई में वे अकेली नहीं हैं।