मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)।
रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के सपही बाजार वार्ड चार में कानून-व्यवस्था की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड निवासी ईश्वरी प्रसाद, पिता स्वर्गीय भजन राम शाह, के घर अज्ञात चोरों द्वारा लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोरों ने घर से करीब 3 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।
चोरी गए सामानों में सोने का हार, मंगलसूत्र, पायल, सोलर पैनल, बैटरी और प्रिंटर शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और उसी रात बंजरिया थाना पुलिस ने गस्ती के दौरान एक चोर को पकड़ा जी चोर ने सपही में चोरी कि बात कबूल किया गिरफ्तार आरोपी की पहचान सूरज कुमार, पिता धर्मेंद्र, निवासी नंदपुर के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात को स्वीकार करते हुए कबूलनामा दिया कि उसने ही बीती रात ईश्वरी प्रसाद के घर में चोरी की है। पुलिस अब चोरी में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
हालांकि, यह मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं है। पीड़ित परिवार ने इससे भी कहीं अधिक गंभीर आरोप लगाए हैं। ईश्वरी प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार ने बताया कि 4 जनवरी, रविवार को उनके घर पर कुछ लोगों द्वारा मामूली पानी के विवाद को लेकर जबरदस्त झगड़ा और मारपीट की गई।
दीपक कुमार के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि उनका पैर टूट गया, जबकि उनके फुफेरे भाई के सिर में गंभीर चोट आई है, जिन्हें इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उनके छोटे भाई के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें उसकी उंगली टूट गई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और दबंगों ने खुलेआम कानून को चुनौती दी। दीपक कुमार ने कहा कि पहले दरवाजे पर आकर गाली-गलौज और झगड़ा किया गया, फिर अचानक हिंसक हमला कर पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सपही बाजार वार्ड में असामाजिक तत्वों का हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। चोरी, मारपीट और खुलेआम हिंसा की घटनाओं से आम लोग भयभीत हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
फिलहाल रघुनाथपुर थाना पुलिस चोरी के मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है, वहीं मारपीट और गंभीर चोट के मामले में पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मोतिहारी में आम नागरिक सुरक्षित हैं? या फिर अपराधियों के हौसले यूं ही बुलंद होते रहेंगे?









