“रघुनाथपुर में एसपी का सख़्त रुख: जनता दरबार में गूंजा भूमि विवाद का मामला, 18 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश”

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मोतिहारी जिले के रघुनाथपुर थाना परिसर में 2 जनवरी 2026 को शाम 5:00 बजे जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन को लेकर जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने की, जिनकी मौजूदगी से आम जनता में न्याय की उम्मीद और भरोसा दोनों दिखाई दिया।

जनता दरबार के दौरान कुल 18 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से अधिकांश मामले भूमि विवाद से संबंधित पाए गए। वर्षों से लंबित जमीन से जुड़े झगड़े, सीमांकन, कब्जा, रास्ता विवाद और पारिवारिक बंटवारे जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। आवेदकों ने खुलकर अपनी पीड़ा रखी और प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित समाधान की मांग की।

माननीय एसपी ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भूमि विवाद समाज में अशांति और अपराध का बड़ा कारण बनते हैं, इसलिए ऐसे मामलों का समाधान समय रहते करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एसपी ने यह भी कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उसका व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकालना है।

इस दौरान थाना प्रभारी अलका सिंह भी मौजूद रहीं। एसपी ने थाना प्रभारी को निर्देशित करते हुए कहा कि वे सभी मामलों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने साफ कहा कि जनता की शिकायतों को टालने या लंबित रखने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

माननीय एसपी ने आवेदकों को भी मार्गदर्शन देते हुए कहा कि शनिवार को प्रखंड कार्यालय में आयोजित अंचलाधिकारी (CO) के जनता दरबार में वे अपनी-अपनी भूमि संबंधी समस्याओं को विधिवत प्रस्तुत करें। वहां राजस्व अभिलेखों के आधार पर सुनवाई कराई जाएगी, जिससे मामलों का कानूनी और प्रशासनिक समाधान संभव हो सके। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।

जनता दरबार में मौजूद लोगों ने एसपी की इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस अधीक्षक का सीधे जनता के बीच आकर समस्याएं सुनना एक सकारात्मक संदेश देता है और इससे आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ता है। कई आवेदकों ने उम्मीद जताई कि अब उनके वर्षों पुराने विवादों का समाधान जल्द होगा।

कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि भूमि विवादों के समाधान में कानूनी प्रक्रिया, राजस्व रिकॉर्ड और आपसी सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी तरह की दबंगई, धमकी या अवैध कब्जे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने दो टूक कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

जनता दरबार शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। रघुनाथपुर में आयोजित यह जनता दरबार न केवल समस्याओं की सुनवाई का मंच बना, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी के रूप में भी उभरा।

अंत में एसपी ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनता दरबार आयोजित किए जाएंगे, ताकि समय रहते विवादों का समाधान हो सके और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे। रघुनाथपुर का यह जनता दरबार निश्चित रूप से प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।