पूर्वी चंपारण जिले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुख्यात साइबर अपराधी तनवीर आलम उर्फ हैदर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से साइबर फ्रॉड के पैसों की निकासी और उसे सीडीएम के जरिए खपाने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और अब तक लाखों रुपये की अवैध कमाई कर चुका है।
साइबर थाना को दिनांक 30 दिसंबर 2025 को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि तनवीर आलम तुरकौलिया बाजार के पास एटीएम से साइबर ठगी का पैसा निकालकर सीडीएम में जमा करता है। सूचना में यह भी बताया गया कि वह एक बड़ा साइबर अपराधी है और उस समय तुरकौलिया बाजार में ही मौजूद है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक अभिनव परासर के निर्देश पर तत्काल छापामारी टीम का गठन किया गया।
छापामारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरकौलिया थाना अंतर्गत शंकरसरैया पुल के पास से तनवीर आलम को अभिरक्षा में लिया। कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह झारखंड के साइबर अपराधी मयंक भास्कर के साथ मिलकर काम करता था। तनवीर आलम साइबर ठगी के पैसों को निकालने के लिए बैंक खाता, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। मयंक भास्कर के निर्देश पर वह सीडीएम के माध्यम से पैसे जमा करता था, जिसके बदले उसे 14 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
पुलिस द्वारा जब तनवीर आलम के मोबाइल और बैंक खातों की तकनीकी जांच की गई तो कई अहम सबूत सामने आए। जांच में पाया गया कि उसके टेलीग्राम अकाउंट से “ACCOUNT SELLER SIM CARD” नामक ग्रुप संचालित किया जा रहा था, जिसमें बड़ी मात्रा में सिम कार्ड और बैंक खातों की खरीद-बिक्री साइबर फ्रॉड के लिए की जाती थी। इसके अलावा उसके मोबाइल में तीन अलग-अलग व्हाट्सऐप लॉगिन पाए गए, जिनसे विदेशी नंबरों, विशेषकर पाकिस्तान के नंबरों के साथ स्कैनर और सीडीएम से संबंधित चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से लगातार बातचीत की जा रही थी।
तनवीर आलम की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर और होटल छतौनी स्थित भवानी होटल में छापामारी की, जहां साइबर अपराधी मयंक भास्कर ठहरा हुआ था। वहां से पीओएस मशीन, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद किए गए। बरामद पासबुक और खातों की जांच में यह भी सामने आया कि इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से साइबर पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं।
पूछताछ के दौरान तनवीर आलम ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद साइबर थाना कांड संख्या 201/25 दिनांक 31.12.2025 के तहत आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा TRT-319(2)/318(4)/338/316(2)/340/61(2) एवं आईटी एक्ट की धारा 66C/66D के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और आम लोगों से अपील की गई है कि वे साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर थाना को दें।








