मोतिहारी शहर के नया टोला बंजारिया पंडाल, वार्ड नंबर चार में सोमवार की सुबह एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नाले के कचरे और गंदे पानी की छींटों को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि 50 वर्षीय महेंद्र राम की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह नाले में जमा कचरे को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में यह विवाद सामान्य बहस तक ही सीमित था, लेकिन देखते ही देखते मामला हाथापाई में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इसी दौरान पड़ोसी केदार राम और अशोक राम और महेंद्र राम के बीच विवाद बढ़ गया। हमले में गंभीर रूप से घायल महेंद्र राम जमीन पर गिर पड़े और कुछ ही देर में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएसपी दिलीप कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की।
मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि नाले के कचरे और गंदे पानी को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। उनका कहना है कि आरोपी अक्सर उनके परिवार को परेशान करते थे और सोमवार को इसी विवाद ने उनके पति की जान ले ली। पत्नी ने स्पष्ट रूप से केदार राम और अशोक राम पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
बताया जाता है कि महेंद्र राम एडीएम कार्यालय में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थे। इसी नौकरी से पूरे परिवार की जीविका चलती थी। उनके दो बेटे और चार बेटियां हैं, जो पिता की असमय मौत से गहरे सदमे में हैं। घटना के बाद परिवार के सभी सदस्य शव के पास बेसुध बैठे नजर आए, जिसे देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
घटना के बाद वार्ड नंबर चार में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। स्थानीय पार्षद ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह बड़ी और जानलेवा घटनाओं में बदलते जा रहे हैं।










