मोतिहारी पूर्वी चम्पारण जिले में आम लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटाने वाली मोतिहारी पुलिस की मुहिम “ऑपरेशन मुस्कान” एक बार फिर बड़ी सफलता के साथ सामने आई है। पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी स्वर्ण प्रभात (भा०पु०से०) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 112 खोये/चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया है। इन सभी मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देश थे कि आम नागरिकों की वर्षों की मेहनत की कमाई और उनकी निजी जानकारी से जुड़े मोबाइल फोन हर हाल में खोजकर लौटाए जाएं। इसी के आलोक में गठित विशेष टीम ने अत्याधुनिक तकनीक, मोबाइल ट्रैकिंग सिस्टम और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सहारे लगातार कार्रवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
बरामद किए गए कुल 112 मोबाइल फोन को पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया। मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इस सूची में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हैं, जिनमें
विद्यार्थी – 31,गृहिणी – 06,किसान – 08,सरकारी नौकरी पेशा – 08, व्यवसायी – 17, एवं अन्य – 42 लोग शामिल हैं।
मोबाइल मिलने के बाद लोगों ने मोतिहारी पुलिस और पुलिस अधीक्षक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आमतौर पर मोबाइल खो जाने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद खत्म हो जाती है, लेकिन “ऑपरेशन मुस्कान” ने यह भरोसा तोड़ा है कि पुलिस चाहे तो असंभव को भी संभव बना सकती है।
गौरतलब है कि “ऑपरेशन मुस्कान” मोतिहारी पुलिस की एक सतत और जनहितकारी पहल है। अब तक इस अभियान के 18 चरणों में कुल 1739 मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 38 लाख 61 हजार रुपये आंकी गई है, उनके असली मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत करता है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने इस अवसर पर कहा कि मोबाइल फोन आज केवल संपर्क का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति की निजी जानकारी, बैंकिंग, पढ़ाई और व्यवसाय से जुड़ा अहम उपकरण है। इसे वापस दिलाना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोतिहारी पुलिस द्वारा “ऑपरेशन मुस्कान” आगे भी पूरी सख्ती और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा।
मोतिहारी पुलिस की इस पहल से यह संदेश साफ है कि जिले में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और आम नागरिकों की सुरक्षा व सुविधा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। “ऑपरेशन मुस्कान” न सिर्फ मोबाइल लौटाने की कार्रवाई है, बल्कि यह जनता और पुलिस के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी बन चुका है।










