मोतिहारी में अटल जी को श्रद्धांजलि: राधा मोहन सिंह ने किया अटल चौक का उद्घाटन, अटल पथ पर दो किलोमीटर लंबा दीपोत्सव बना ऐतिहासिक

92
मोतिहारी भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर मोतिहारी शहर ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण का साक्षी बना। मोतीझील के समीप नवस्थापित अटल चौक का उद्घाटन सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अटल जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि 24 से 31 दिसंबर तक आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी राजनीतिक यात्रा, सुशासन और ‘राष्ट्र-प्रथम’ के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

उद्घाटन के तुरंत बाद  राधा मोहन सिंह के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने अटल पथ पर दो किलोमीटर लंबा दीप प्रज्ज्वलन कर भव्य दीपोत्सव मनाया। दीपों की कतार ने पूरे पथ को प्रकाशमय कर दिया, जिससे पूरा क्षेत्र दिवाली जैसा प्रतीत हुआ। यह दीपोत्सव अटल जी की स्मृति को अमर बनाने और उनके आदर्शों को जीवंत रखने का प्रतीक बना।

यह आयोजन भाजपा के स्थानीय नेतृत्व द्वारा किया गया, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी के ‘राष्ट्र-प्रथम’ और सुशासन के विचारों को आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। अपने संबोधन में  राधा मोहन सिंह ने कहा, “अटल जी की विरासत को विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाना हम सभी का संकल्प है। इन कार्यक्रमों से नागरिकों और युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और राष्ट्रव्यापी सहभागिता सुनिश्चित होगी।” उन्होंने अटल जी के सुशासन मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल जी ने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाकर देश को स्थिरता और विकास की नई दिशा दी।

अटल जी की स्मृति में व्यापक तैयारियां

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को यादगार बनाने के लिए मोतिहारी में सुबह से ही विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। शहर में स्थित सभी प्रतिमाओं, स्मारकों और उनसे जुड़े स्थलों की साफ-सफाई कर उन्हें सजाया गया। शाम होते ही कचहरी चौक स्थित अटल स्मृति पार्क, बेलिसराय स्थित अटल उद्यान, भाजपा कार्यालय और अटल पथ पर दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ। सैकड़ों दीपों की रोशनी ने अटल जी के उज्ज्वल व्यक्तित्व और विचारों को जीवंत कर दिया।

दीपोत्सव के दौरान लोगों ने अटल जी की कविताओं और उनके ऐतिहासिक भाषणों के अंशों का पाठ किया। बच्चे और युवा दीपों की मालाओं से सजे पथ पर मार्च करते हुए उनके आदर्शों को दोहराते नजर आए। अटल जी के जन्मदिन 25 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक जिले भर में सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।

अटल जी के योगदान की अमिट छाप

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। वे भारत के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने 1998 से 2004 तक देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में पोखरण परमाणु परीक्षण, गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना और आधारभूत ढांचे के विकास जैसे ऐतिहासिक निर्णय देश के लिए मील का पत्थर साबित हुए। कवि हृदय से ओतप्रोत अटल जी ने राजनीति को नैतिकता और संवेदनशीलता का आधार दिया।

राधा मोहन सिंह ने कहा, अटल जी ने विपक्ष को भी राष्ट्रहित में साथ लिया, जो आज के राजनीतिक परिदृश्य में भी उतना ही प्रासंगिक है।”

मोतीझील के पास स्थित यह चौक अब अटल चौक के नाम से जाना जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों को अटल जी के विचारों और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर मोतिहारी विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार, उप महापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद, एनडीए संयोजक प्रकाश अस्थाना, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अटल जी के सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अटल पथ पर जलते दीपों ने मोतिहारी को गौरव की अनुभूति कराई है।