तुरकौलिया पश्चिमी पंचायत में विकास योजनाओं में भारी अनियमितता का आरोप, मुखिया व पंचायत सचिव पर गंभीर सवाल

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तुरकौलिया प्रखंड अंतर्गत पश्चिमी पंचायत की विकासात्मक योजनाएं एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई हैं। पंचायत के सामाजिक कार्यकर्ता अनीस आलम ने पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में गंभीर अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए मुखिया राम जनम पसवान और पंचायत सचिव शिव नारायण राम को कटघरे में खड़ा किया है। आरोप है कि कागजों में योजनाएं पूरी दिखाकर सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

अनीस आलम ने प्रेस को बताया कि पंचायत में नल-जल योजना, गली-नाली निर्माण, पीसीसी सड़क, सामुदायिक भवन मरम्मत सहित कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं या घटिया सामग्री से कराई गई हैं। कई स्थानों पर बिना काम कराए ही भुगतान कर दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत में विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है, जबकि आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी परेशान है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योजनाओं की स्वीकृति से लेकर क्रियान्वयन तक में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। न तो पंचायत भवन में योजनाओं से संबंधित सूचना बोर्ड सही ढंग से लगाया गया है और न ही ग्राम सभा में जनता को सही जानकारी दी जाती है। अनीस आलम का कहना है कि जब उन्होंने इन अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए तो पंचायत स्तर पर उन्हें दबाने की कोशिश की गई।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी आरोपों का समर्थन करते हुए बताया कि कई गलियों में नालियों का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे जलजमाव की समस्या बनी रहती है। वहीं कुछ सड़कों की हालत ऐसी है कि कुछ ही महीनों में गिट्टी और सीमेंट उखड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पंचायत प्रतिनिधि और सचिव कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर अनीस आलम ने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो पंचायत में भ्रष्टाचार और बढ़ेगा तथा आम जनता का विश्वास पूरी तरह टूट जाएगा। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, योजनाओं की पुनः जांच और दोषी पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, इस मामले में मुखिया राम जनम पसवान और पंचायत सचिव शिव नारायण राम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी है। पंचायत प्रशासन की चुप्पी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल, तुरकौलिया पश्चिमी पंचायत में विकास योजनाओं को लेकर उठे इन गंभीर आरोपों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या पंचायत में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो पाती है या नहीं। पंचायत की जनता की नजरें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।