मोतिहारी वार्ड 43 में जनता का फूटा गुस्सा, पार्षद सत्य प्रकाश पर छठ घाट निर्माण और सड़क निर्माण में अनियमितता के गंभीर आरोप

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मोतिहारी नगर निगम के वार्ड संख्या 43 में इस वक्त जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। छठ महापर्व के पहले जहां एक ओर लोगों को साफ-सुथरे छठ घाट की उम्मीद थी, वहीं अब निर्माण कार्य को लेकर पार्षद सत्य प्रकाश पर गंभीर अनियमितता के आरोप लग रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छठ घाट के निर्माण में अनुमानित बजट के अनुसार सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। लोगों ने बताया कि घाट के घटिया  निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे है।

यही नहीं, वार्ड में कुछ ही महीने पहले बनाई गई सड़क अब टूटने लगी है। सड़क की परतें उखड़ने लगी हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया और मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई है।

स्थानीय निवासी धर्मेंद्र सहनी ने कहा, “पार्षद जी ने चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब ना तो वह जनता से मिलते हैं और ना ही कॉल पर जवाब देते हैं। छठ जैसे बड़े पर्व से पहले अगर घाट ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो हम पूजा कहां करेंगे?”

वहीं महिलाओं ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि छठ पूजा में महिलाओं की आस्था जुड़ी होती है, लेकिन घाट की बदहाली देखकर मन दुखी हो जाता है।

कई नागरिकों ने दावा किया कि जब उन्होंने वार्ड पार्षद सत्य प्रकाश से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। लोगों का कहना है कि पार्षद अब जनसंपर्क से पूरी तरह कट गए हैं और कोई जवाबदेही नहीं ले रहे हैं।

जनता ने नगर निगम से अपील की है कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही घाट की मरम्मत और सड़क की दुबारा पक्कीकरण का काम समय रहते कराया जाए, ताकि आने वाले पर्व में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो।

मामले की गंभीरता को देखते हुए यह सवाल उठना लाज़मी है — क्या जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सिर्फ चुनाव तक सीमित रह गई है? क्या जनता की उम्मीदें केवल कागजों में ही पूरी होंगी?

हमारे प्रतिनिधि ने वार्ड पार्षद से कई बार फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। आने वाले दिनों में अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो यह आक्रोश किसी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।