मोतिहारी में भूमि सुधार विभाग का कैंप, रैयतों से लिए गए जमीन के दस्तावेज़

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मोतिहारी। बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे भूमि सुधार कार्यक्रम के तहत राज्यभर में जमीन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने और मालिकाना हक को स्पष्ट करने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 28 में भूमि सुधार विभाग की ओर से विशेष कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप वार्ड पार्षद मुकुल श्रीवास्तव के घर पर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग अपने-अपने दस्तावेज़ लेकर पहुंचे।

कैंप का उद्देश्य उन रैयतों को राहत देना था जिनके जमीन के कागजात या तो रिकॉर्ड में गड़बड़ हैं, या फिर नामांतरण, खाता-खतियान, सीमांकन और अन्य कारणों से विवादित हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जमीन सुधार से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से ग्रामीणों को परेशान करती रही हैं। कई बार छोटे-छोटे त्रुटियों के कारण जमीन के असली मालिक को भी अपने ही हक का प्रमाण देने में कठिनाई होती है। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने गांव-गांव और शहर के वार्डों में जाकर ऐसे कैंप लगाने का निर्णय लिया है।

कैंप के दौरान स्थानीय लोगों ने अपने दस्तावेज जमा किए। इनमें पुराने खतियान, रसीद, जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज से जुड़े कागज प्रमुख रहे। अधिकारियों ने सभी दस्तावेजों की जांच की और जिन मामलों में गड़बड़ी पाई गई, उन्हें सुधारने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।

वार्ड पार्षद मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकार के कैंप से लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। पहले जहां लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अंचल कार्यालय और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब घर के पास ही दस्तावेज जमा करने की सुविधा मिलने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि वार्ड के लोगों में इस कैंप को लेकर उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में किसान अपने कागज लेकर पहुंचे।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया। कई लोगों का कहना था कि वर्षों से रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने के कारण उन्हें अपने ही खेत या मकान के कागजात में मुश्किलें झेलनी पड़ रही थीं। बार-बार अंचल और अनुमंडल कार्यालयों का चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं निकल पा रहा था। लेकिन इस कैंप से उम्मीद बंधी है कि अब उनकी समस्याएं जल्द सुलझ जाएंगी।

भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कैंप के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों की प्राथमिक जांच के बाद संबंधित अंचल कार्यालय में उनकी विधिवत प्रविष्टि की जाएगी। इसके बाद सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि कैंप का मकसद न केवल गड़बड़ रिकॉर्ड को ठीक करना है बल्कि लोगों में भूमि सुधार से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।

जानकारी के अनुसार, विभाग आने वाले दिनों में नगर निगम के अन्य वार्डों में भी ऐसे कैंप लगाएगा ताकि हर वार्ड के अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। अधिकारियों ने अपील की कि जिन लोगों को अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेज में गड़बड़ी की आशंका है, वे इस प्रकार के कैंप में जरूर पहुंचें और अपने कागजों को जांच के लिए जमा करें।

मोतिहारी के वार्ड संख्या 28 में लगे इस विशेष कैंप ने स्थानीय लोगों को न सिर्फ राहत दी बल्कि विभाग की मंशा को भी स्पष्ट किया कि सरकार जमीन सुधार की दिशा में गंभीर है। उम्मीद है कि इस पहल से लंबे समय से चली आ रही भूमि विवाद और रिकॉर्ड गड़बड़ियों में कमी आएगी और आम लोगों को अपने अधिकार सुरक्षित करने में आसानी होगी।