अरेराज (चण्डीस्थान): जिले के वरिष्ठ पत्रकार, धर्मपरायण विचारक और संस्कृत शिक्षक मदन मोहन नाथ तिवारी का मंगलवार की देर रात उनके पैतृक गांव चण्डीस्थान में 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय तक दैनिक हिंदी समाचार पत्र प्रदीप और हिन्दुस्तान सहित कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में पत्रकारिता से जुड़े रहे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत, राजनीतिक और बुद्धिजीवी समाज में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
श्री तिवारी ने केवल पत्रकारिता ही नहीं, बल्कि शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। वे धार्मिक न्यास परिषद सोमेश्वर नाथ मठ मंदिर से भी जुड़े रहे, और स्थानीय संस्कृत उच्च विद्यालय अरेराज में एक आदर्श शिक्षक के रूप में वर्षों तक अपनी सेवा दी। उनकी सरलता, सादगी और सत्यनिष्ठा के लिए वे इलाके में अत्यंत सम्मानित थे।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार की रात उन्होंने चण्डीस्थान स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। वे अपने पीछे चार पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की सूचना मिलते ही पत्रकारों, समाजसेवियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। शोक की इस घड़ी में पूरा अरेराज क्षेत्र उनके जाने की क्षति को अनुभव कर रहा है।
शोक सभा का आयोजन
बुधवार को स्थानीय संस्कृत उच्च विद्यालय परिसर में वरिष्ठ पत्रकार रामबालक ठाकुर की अध्यक्षता में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारिता, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया। सभा में दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय तिवारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
इस दौरान वक्ताओं ने तिवारी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे न सिर्फ एक उत्कृष्ट पत्रकार थे, बल्कि समाज के प्रति उनकी निष्ठा और सेवा भावना प्रेरणादायक थी। वे हमेशा सच्चाई और निष्पक्षता के लिए खड़े रहे।
मौन श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से पत्रकार प्रभाकर तिवारी, अरुण कुमार तिवारी, प्रेमचंद्र पांडेय, आदित्यराज आनंद, विजयेंद्र मिश्र, अभय पांडेय, हिमांशु मिश्रा, रुपेश राज, ओमप्रकाश शास्त्री, विपुल दीक्षित, अजय कुमार, रामनारायण प्रसाद, बसंत कुमार, आनंद पांडेय, विनोद उपाध्याय, प्रिंस चौबे, चमन लाल, मदनमोहन शास्त्री, रविरंजन कुमार, मिंटू कुमार, उज्जवल मिश्रा, सुजीत नाथ तिवारी, नीरज शर्मा, सुमन मिश्रा, रवीश पाठक आदि शामिल थे।
मानवीय संवेदना का सिलसिला दिनभर जारी रहा
स्वर्गीय तिवारी के निधन की खबर फैलते ही चण्डीस्थान स्थित उनके पैतृक आवास पर दिनभर लोगों का तांता लगा रहा। परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त करने वालों में साधु-संत, राजनीतिक प्रतिनिधि, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
महामंडलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरिजी महाराज, स्थानीय विधायक सुनील मणि तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन राज, वरिष्ठ नेता जयप्रकाश पांडेय, कृष्णा मिश्र, मुख्य पार्षद रण्टू पांडेय, उपमुख्य पार्षद अहमद अली आज़ाद, पूर्व मुखिया अभय तिवारी, पूर्व जिला परिषद सदस्य पप्पू मिश्र, भाजपा नेता संजय पांडेय, विवेका पांडेय, नित्यानंद सिंह, अधिवक्ता विनय विहारी वर्मा, सुरेश पांडेय, प्रियरंजन तिवारी, विष्णुकांत मिश्र, ओमप्रकाश चौबे, गिरीश सिंह और शशि सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्वर्गीय तिवारी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति
मदन मोहन नाथ तिवारी जैसे व्यक्तित्व का इस संसार से जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे अपने विचारों, लेखनी और शिक्षण के माध्यम से समाज को दिशा देते रहे। उनकी कमी हमेशा खलेगी।
ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करें।










