प्रयागराज में आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों के कारण देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। इसी क्रम में जय नगर एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11061) में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जबरन घुसकर यात्रा कर रहे हैं, जिससे पहले से आरक्षित टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति विशेष रूप से एसी कोच (1AC, 2AC, 3AC) में गंभीर रूप से देखी जा रही है, जहां बिना टिकट श्रद्धालु अनधिकृत रूप से घुसकर अपनी जगह बना रहे हैं।
आरक्षित यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
जो यात्री पहले से आरक्षित टिकट लेकर यात्रा कर रहे हैं, वे इस भीड़ के कारण न केवल असुविधा महसूस कर रहे हैं बल्कि उन्हें शौचालय तक जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन में ठसाठस भीड़ होने की वजह से यात्रियों के लिए अपनी सीट तक पहुँचना भी मुश्किल हो गया है। सुरक्षा एवं आराम की दृष्टि से एसी कोच की यात्रा चुनने वाले यात्रियों को अब सामान्य डिब्बे जैसी भीड़भाड़ और अव्यवस्था से गुजरना पड़ रहा है।
यात्री नाराज, रेलवे प्रशासन पर सवाल
इस अव्यवस्था से परेशान यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कई यात्रियों का कहना है कि सरकार इसे श्रद्धालुओं की सुविधा और सहयोग के रूप में पेश कर रही है, लेकिन पहले से यात्रा कर रहे यात्रियों की परेशानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे कर्मचारी भी श्रद्धालुओं को रोकने या हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
हमने पहले से ही एसी टिकट बुक कर रखा था ताकि आरामदायक यात्रा कर सकें, लेकिन अब ट्रेन सामान्य डिब्बे की तरह लग रही है। रेलवे प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए और आरक्षित यात्रियों को राहत दिलानी चाहिए
रेलवे की भूमिका पर उठ रहे सवाल
यात्रियों की शिकायत है कि रेलवे न तो **सुरक्षा के उचित इंतजाम कर रहा है और न ही श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है**। यात्रियों का कहना है कि अगर श्रद्धालुओं को सुविधा दी जा रही है तो इसके लिए **अलग से विशेष ट्रेनें चलाई जानी चाहिए थीं**, जिससे सामान्य यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कुछ यात्रियों ने रेलवे के इस कुप्रबंधन को लेकर शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही है यात्रियों का यह भी कहना है कि अगर यही स्थिति रही, तो वे आगे रेलवे के इस कुप्रबंधन के खिलाफ **उच्च अधिकारियों या उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराने** को मजबूर होंगे।
भीड़ से बढ़ रहा सुरक्षा का खतरा
इतनी भारी भीड़ के कारण ट्रेन में सुरक्षा की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। अधिक संख्या में लोग ठूस-ठूस कर चढ़ने से ट्रेन में आपातकालीन स्थिति में कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। यात्रियों को इस बात की भी चिंता सता रही है कि इस भीड़ के कारण **स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ** भी उत्पन्न हो सकती हैं।
यात्रियों की मांग – रेलवे उठाए ठोस कदम
प्रभावित यात्रियों ने रेलवे से तुरंत उचित व्यवस्था करने की माँग की है। यात्रियों ने सुझाव दिया है कि
1. श्रद्धालुओं के लिए अलग ट्रेनें चलाई जाएं ताकि आरक्षित कोचों में अनधिकृत प्रवेश न हो।
2. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट जांच दल (TTE) को सख्ती से आरक्षित डिब्बों में अनाधिकृत प्रवेश रोकना चाहिए।
3. यात्रियों की शिकायतों को तुरंत सुना जाए और त्वरित समाधान निकाला जाए।
निष्कर्ष
जय नगर एक्सप्रेस में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण आरक्षित यात्रियों को हो रही कठिनाइयाँ रेलवे के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही हैं। सरकार जहाँ एक ओर इसे श्रद्धालुओं की सुविधा के रूप में प्रचारित कर रही है, वहीं वास्तविकता यह है कि इससे सामान्य यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि यात्रा के दौरान सभी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।










