मोतिहारी: ऐतिहासिक द्वारा देवी मंदिर अतिक्रमण की चपेट में, प्रशासन की चेतावनी बेअसर

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मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र के गुदरी बाजार चौक स्थित ऐतिहासिक द्वार देवी मंदिर पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। प्रशासन की बार-बार दी गई हिदायत के बावजूद अतिक्रमणकारियों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। न ही प्रशासन का कोई खौफ नजर आ रहा है। मंदिर के पास का क्षेत्र, जो सर्राफा बाजार जाने का मुख्य मार्ग है, लगातार अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है, जिससे यहां जाम की स्थिति बनी रहती है।

अतिक्रमण के कारण राहगीरों को हो रही परेशानी

यह ऐतिहासिक मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन इसके आसपास बढ़ते अतिक्रमण ने न केवल मंदिर की पवित्रता को प्रभावित किया है, बल्कि श्रद्धालुओं और आम राहगीरों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचने में भक्तों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, सर्राफा बाजार जाने वाले लोगों के लिए यह मुख्य मार्ग किसी जंजाल से कम नहीं रह गया है।

स्थानीय दुकानदारों और ठेला-खोमचा वालों ने सड़क पर ही अपनी दुकानें जमा रखी हैं, जिससे सड़क संकरी हो गई है। इसके कारण वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और रोजाना जाम की समस्या उत्पन्न होती है। प्रशासन कई बार अतिक्रमण हटाने का आदेश दे चुका है, लेकिन अतिक्रमणकारी बेखौफ नजर आ रहे हैं।

प्रशासन की निष्क्रियता और नाका दो का संरक्षण

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों को कुछ प्रभावशाली लोगों और नाका दो के संरक्षण प्राप्त है, जिससे इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जब-जब प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की पहल की, तब-तब किसी न किसी बहाने से कार्रवाई को टाल दिया गया।

मंदिर समिति और स्थानीय निवासियों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई कि इस ऐतिहासिक स्थल को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और भी विकट हो जाएगी। लोगों का आरोप है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहा है, जिससे उन्हें और बढ़ावा मिल रहा है।

स्थानीय निवासी और व्यापारी संघ प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि ऐतिहासिक द्वारा देवी मंदिर को इसके मूल स्वरूप में लौटाया जा सके और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के यहां पूजा-अर्चना कर सकें।

प्रशासन को जल्द करनी होगी कार्रवाई

अगर प्रशासन ने जल्द ही इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो यह समस्या और विकराल हो सकती है। आम जनता को हो रही परेशानी के मद्देनजर प्रशासन को चाहिए कि वह प्रभावशाली लोगों के दबाव में आए बिना निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करे और ऐतिहासिक द्वारा देवी मंदिर को अतिक्रमण से मुक्त कराए।

फिलहाल, यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक सख्त कदम उठाता है या फिर अतिक्रमणकारी इसी तरह बेखौफ बने रहेंगे।