मोतिहारी: धनोती नदी किनारे बन रहे शवदाहगृह निर्माण कार्य में अनियमितता, महापौर ने दिए सुधार के आदेश

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मोतिहारी नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत बरियारपुर जीरो माइल के समीप धनौती नदी किनारे शवों के दाह संस्कार के लिए एक आधुनिक शवदाहगृह का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना में दो विद्युत शवदाहगृह और एक पारंपरिक शवदाहगृह शामिल है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत लगभग 7.68 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। शवदाहगृह के निर्माण का उद्देश्य नगर क्षेत्र में पर्यावरणीय और सामाजिक रूप से एक स्वच्छ और आधुनिक दाह संस्कार सुविधा प्रदान करना है।

इस निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण बुधवार को मोतिहारी नगर निगम की महापौर श्रीमती प्रीति कुमारी ने किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर कई खामियां पाई गईं, जिससे महापौर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

गुणवत्ता पर उठे सवाल

महापौर ने निर्माण कार्य में उपयोग हो रहे सामग्री की गुणवत्ता को असंतोषजनक पाया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संवेदक द्वारा एस्टीमेट और नक्शा के अनुसार निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। साथ ही निर्माण स्थल पर एजेंसी के कोई भी सदस्य मौजूद नहीं थे, जिससे वहां उपस्थित अधिकारियों को कई सवालों का जवाब नहीं मिल सका।

### **महापौर का निर्देश**  

महापौर ने निर्माण कार्य में पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद बुडको (बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) के अधिकारियों और कनीय अभियंता को सख्त चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया या भविष्य में लापरवाही सामने आई, तो संवेदक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है।

### **परियोजना की अहमियत**

यह शवदाहगृह परियोजना मोतिहारी के निवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नदी किनारे शवों के पारंपरिक दाह संस्कार से होने वाले प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए यह परियोजना शुरू की गई है। विद्युत शवदाहगृह की सुविधा से दाह संस्कार की प्रक्रिया को अधिक स्वच्छ, तेज़ और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

### **स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया**  

महापौर के निरीक्षण के बाद स्थानीय नागरिकों ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कई लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर चिंता जाहिर की और नगर निगम से अपील की कि इस परियोजना को निर्धारित समय और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा किया जाए।

### **आगे की कार्यवाही**  

महापौर द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद, नगर निगम और बुडको के अधिकारी इस परियोजना पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। निर्माण स्थल पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और संवेदक की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

अगर इस परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाता है, तो यह न केवल स्थानीय निवासियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, बल्कि एक सकारात्मक सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव भी डालेगी। अब यह देखना होगा कि संबंधित एजेंसी और संवेदक महापौर के निर्देशों का कितना पालन करते हैं और परियोजना को किस गति और गुणवत्ता के साथ पूरा करते हैं।

### **निष्कर्ष**

धनोती नदी किनारे बन रहा यह शवदाहगृह क्षेत्र के नागरिकों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। लेकिन निर्माण कार्य में पाई गई अनियमितताओं ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महापौर प्रीति कुमारी द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना और समय रहते खामियों को दूर करना अब एजेंसी और नगर निगम के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। अगर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इस परियोजना की सफलता खतरे में पड़ सकती है।