मोतिहारी, राजनिश रवि भारतीय संस्कृति, इतिहास और महान नेताओं की विरासत को सम्मानित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। यमुना कुमार सीकरीया और उनके संस्थान द्वारा आयोजित इस प्रकार के आयोजन समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और प्रेरणा का संचार करते हैं।
कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी, महामना मदन मोहन मालवीय और तुलसीदास जी जैसे महान व्यक्तित्वों की जयंतियों को एक साथ मनाना एक अनोखी पहल है, जो भारतीय संस्कृति की गहराई और विविधता को दर्शाती है। मुख्य अतिथियों और वक्ताओं द्वारा उनके योगदान पर प्रकाश डालना, नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है।
मंत्री कृष्णनंदन पासवान और अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति से यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो गया। खासतौर पर गीता जयंती और तुलसी दिवस पर चर्चा करते हुए, भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की महत्ता को समझाने का प्रयास सराहनीय है।
डॉ. शम्भूनाथ सीकरीया का यह कहना कि 25 दिसंबर केवल क्रिसमस के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय महानायकों की स्मृति के रूप में भी महत्वपूर्ण है, भारतीय सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक सशक्त संदेश है।
इस तरह के कार्यक्रम हमारे समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और एकता को बढ़ावा देते हैं और भारतीय सभ्यता की गौरवशाली धरोहर को संरक्षित करते हैं।
मोतिहारी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जीविका मोतिहारी के तत्वावधान में स्थानीय राजेंद्र सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया...