बिहार में गन्ना के उत्पादकता में वृद्धि विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया

179

बिहार में गन्ना के उत्पादकता में वृद्धि विषय पर हरसिद्धि, मोतिहारी में संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का उदघाटन  कृष्णनंदन पासवान, गन्ना उद्योग विभाग, द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  नर्मदेश्वर लाल, प्रधान सचिव गन्ना उद्योग विभाग थे। इस अवसर पर ईखायुक्त, बिहार एवं गन्ना उद्योग विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे। 

संगोष्ठी में राज्य के कार्यरत 04 चीनी मिलों यथा सुगौली, बगहा, हरिनगर एवं नरकटियागंज में 420 गन्ना किसानों के द्वारा भाग लिया गया। संगोष्ठी में गन्ना अनुसंधान संस्थान, पूसा एवं अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक गण तथा चीनी मिलों के विषेषज्ञों ने भाग लिया।

गन्ना मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कृषि रोड मैप के अधीन चलाये जा रहे किसान संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों का आर्थिक उन्नति केन्द्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधान मंत्री  नरेन्द्र भोदी एवं बिहार के  मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने कृषि एवं किसानों को सर्वोच्य प्राथमिकता दिया है। इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र है। गन्ना मंत्री  द्वारा  किसानों के प्रयासों की सराहना की गयी। चीनी मिलों में पेराई का दिन बढ़ाने के लिए चीनी मिलों को अतिरिक्त गन्ना की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होनें चीनी मिलों से कहा कि के किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान समय से कर दें।
    ईखायुक्त  अनिल कुमार झा के द्वारा बताया गया कि गन्ना राज्य का प्रमुख नगदी फसल है। प्रतिवर्ष चीनी मिलों के द्वारा लगभग 2400 करोड़ रू० किसानों को भुगतान किया जाता है। इस प्रकार से गन्ना किसानों के आमदनी को बढ़ाने में प्रभावकारी भूमिका निभा सकता है।
   उन्होंने कहा कि इस वर्ष से गन्ना उद्योग विभाग द्वारा चलायी जा रही सभी योजनाओं के लिए ऑनलाईन पोर्टल शुरू किया जाएगा। किसानों को सभी प्रकार की सुविधा सिंगल विंडो पर प्रदान हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य स्तर पर कुल 12 किसान संगोष्ठी आयोजित होगा, जिसमें से आज दूसरे संगोष्ठी का आयोजन गन्ना मंत्री  के उपस्थिति में किया गया है। इस वर्ष से विभाग द्वारा कृषि रोड मैप के अधीन कई नये पहल शुरू किये जा रहे हैं। इस क्रम में गुड प्रोत्साहन कार्यक्रम तथा गन्ना पेराईकरण योजना का उल्लेख किया गया।
   संयुक्त निदेशक (ईख विकास),  सुनिल कुमार पंकज के द्वारा मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के विभिन्न घटकों पर मिलने वाले अनुदान तथा इसकी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। वर्तमान वर्ष में राज्य में पहली बार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से गन्ना विकास योजना के कार्यान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर किसानों को प्रशिक्षित किया गया। राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के लिए
26.50 करोड़ रूपया का आवंटन किया जा चुका है। इस योजनांतर्गत किसानों को गन्ना के उत्तम किस्म के बीज पर अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही कीट व्याधि से पुसा के लिए कीटनाशक दवा अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जायेगा। किसानों को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्र में भ्रमण के माध्यम से प्रशिक्षण का कैलेण्डर तैयार किया गया है। गन्ना के कतार में अंतरवर्ती फसल के बीज को लगाने के लिए सरकार किसानों को अनुदान देगी। राज्य सरकार द्वारा जैविक खाद पर भी अनुदान दी जा रही है। इस योजना का शत-प्रतिशत उपयोग करने के लिए किसानों से अनुरोध किया गया।
     संयुक्त ईखायुक्त  जे.पी. एन. सिंह के द्वारा अगले पेराई सत्र के लिए गन्ना नीति तथा फसल सर्वेक्षण के बारे में किसानों को बताया गया एवं इस बारे में किसानों से फीडबैक लिया गया।
    गन्ना के प्रति हेक्टेयर उपज को बढ़ाने के लिए तकनीकी हस्तक्षेपों की जानकारी किसानों को दी गयी। चीनी मिल के विषेषज्ञ  शैलेन्द्र कुमार मिश्रा, उप महाप्रबंधक ईख सुगौली चीनी मिल,  संजीव कुमार चौहान, उप गन्ना प्रबंधक, सुगौली चीनी मिल  संजीव कुमार शर्मा, कार्यपालक उपाध्यक्ष (ख), सिधवलिया चीनी मिल के द्वारा भी स्वस्थ गन्ना बीज उत्पादन, गन्ना पैदावार बढ़ाने के उपाय के बारे में किसानी को जानकारी दी गयी।
     ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा (समस्तीपुर) के वैज्ञानिकों डा० डी० एन० कामत, डा० सी०के० झा एवं डा० शिव प्रसाद सिन्हा, वैज्ञानिक,आर०आई० मीठापुर, डा० शिवनायक सिंह, पूर्व वरीय वैज्ञानिक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के द्वारा गन्ने के अधिकतम उत्पादन एवं चीनी परता बढ़ाने हेतु उत्तम प्रभेव एवं नवीनतम तकनीक, गन्ने के टिकाउ खेती हेतु समेकित पोषक तत्व एवं मृदा स्वास्थ प्रबंधन, गन्ने की खेती का शष्य प्रबंधन, गन्ने के उत्पादन में बीमारी एवं कीट प्रबंधन, शरदकालीन गन्ना की खेती संबंधी तकनीक को अपनाने के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया गया।
   अंत में  वैदव्रत कुमार, सहायक ईखायुक्त के द्वारा सभी आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया