पशुपालकों को मिलेगी राहत और फाटक से अवैध रूपया उगाही करने वाले जायेंगे जेल

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मोतिहारी जिला परिषद् माननीय अध्यक्ष  ममता राय ने एक पीड़ित के आवेदन पर बड़ी कार्रवाई करतें हुआ। अपने मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त को पत्र लिखा।

ममता राय ने कहा कि आए दिन किसानों और पशुपालकों का शिकायत आती रहता हैं कि फाटक में पशु जप्त के नाम पर मनमाने ढंग से अवैध रूपया उगाही किया जाता हैं । एैसे लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई किया जाय और जिस जगह पर फाटक का डाक नहीं हुआ वहां जल्द से जल्द डाक कार्य पुरा करें। डाक किये गये फाटक के बाहर जुर्माने राशि का लिस्ट अनिवार्य रूप से लगायें अन्यथा जाच के दौरान राशि लिस्ट नहीं पाये जाने पर डाक को रद्द करने कि कार्रवाई कि जा सकती हैं।

ममता राय ने कहा कि पशुपालकों को भी जागरूक रहने कि आवश्यकता हैं। फाटक में जप्त किये गये चौपाया जानवरो के जुर्माने कि राशि के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि

हाथी-250 रूपया

• ऊंट या भैंस-50 रूपया

• घोडा, घोड़ी, टूट,बछडा, बछड़ी, खच्चर,बैल, गाय, बाछी-30 रूपया

• बतक, गदहा ओ सुअर -25 रूपया

• भेडा, भेड़ी का बच्चा, बकरी, बकरी का बच्चा- 10 रूपया हैं, अगर कोई इससे अतिरिक्त रूपया लेता हैं तो वैसे लोगों पर कानूनी कार्यवाही कि जाएगी

ममता राय ने रिक्त निविदा वालें फाटक- तुरकौलिया फाटक, बलहां मोड़ फाटक, शेखपुरवा फाटक, सुगौली फाटक,मेहसी फाटक, सपही झिटकाही फाटक,कुम्हारार फाटक, पकड़ीदयाल फाटक, घोड़ासहन फाटक, बारा चकिया फाटक, बनकट नरकटिया फाटक, जीवधारा फाटक, सिरसा फाटक, सिकन्दरपुर फाटक, हरिहरा फाटक, नुनफरवा फाटक, मजिरवा फाटक, ननौरा फाटक, ताजपुर फाटक, राजपुर फाटक, हुसैनी फाटक, भोपतपुर फाटक, बहलोलपुर फाटक, संग्रामपुर फाटक,लौकरिया फाटक, ओलहा फाटक, हरसिद्धि फाटक, रामगढवा फाटक, चम्पापुर फाटक, योगलिया फाटक, मधुबन फाटक, सलेमपुर तेतरिया फाटक, बहुअरी फाटक, बरियरिया फाटक, चिरैया फाटक, तेलहारा फाटक का अभी निविदा नहीं हुआ हैं और ना किसी को राशि वसुली के लिए अधिकृत किया गया है।

माननीय अध्यक्ष ने आमजनों एवं पशुपालकों को जागरूक करते हुये कहा कि उक्त जगह पर फाटक के लिए किसी को अधिकृत नहीं किया गया हैं अगर कोई भी व्यक्ति फाटक के नाम पर पशुपालकों से रूपया का वसुली कर रहा हैं या अधिकृत फाटक पर चार्ट में निर्धारित राशि से ज्यादा लिया जा रहा हैं तो इसकी सुचना अपने नजदीकी थाना या जिला परिषद् कार्यालय को दें । वैसे लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई किया जायेगा।