हनुमंगढी में आयोजित भगवत कथा का हुआ विधिवत समापन

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हनुमानगढ़ी स्थित मधु पदमा विवाह भवन के प्रांगण में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा वैदिक मंत्रोंच्चारण की आहुतियां के साथ समापत हुआ

भगवान श्री कृष्ण की अलग-अलग लीलाओं का वर्णन करते हुए सातवें दिवस वृंदावन से पधारी राजनंदनी किशोरी जी ने उपस्थित भक्तों को सुनाया माता देवकी के कहने पर 6 पुत्रों को वापस लाकर माता देवीकी को देना, सुभद्रा हरण का व्याख्यान हुआ ,राजा परीक्षित के मोक्ष की विस्तृत चर्चा की गई! सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए राजनंदनी किशोरी जी ने कहा कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्री कृष्ण व सुदामा जी से समझा जा सकता है सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र श्री कृष्ण से मिलने द्वारकाधीश पहुंचे द्वार पालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझ कर द्वार पर ही रोक दिया !

द्वार पाल ने प्रभु से कहा कोई सुदामा उनसे मिलने आया है श्री कृष्ण सुदामा कहकर बाहर दौड़े आए सुदामा कन्हैया कन्हैया कहकर गले लग गए प्रसंग झांकी देखकर सभी लोग भावविभोर होकर अचंभित हो गए !कृष्ण सुदामा को अपने सिंहासन पर बैठाकर उन्हें कुबेर का धन देकर मालामाल कर दिया !जब भी भक्तों पर विपदा आई है प्रभु उनका तारण करने अवश्य आए हैं! भक्ति पूर्ण माहौल में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ संपन्न हुआ भागवत जी की आरती सभी यजमानों ने की! यज्ञ संयोजक अमित कुमार पिंटू ने बताया कि हनुमानगढ़ स्थित हनुमान मंदिर निर्माण के लिए भक्तों ने सहयोग दिया है

उसकी चाहर दिवारी का कार्य होगा और यज्ञ में दान स्वरूप आए शेष राशि मंदिर निर्माण में लगाया जाएगा यज्ञ को सफल बनाने में यजमान राजू कुमार सहारा, मुरारी प्रसाद ,नीरज कुमार ,अनिल कुमार, बसंत कुमार, धीरज कुमार ,लड्डू कुमार ,केतन कमल ,आकाश कुमार ,मीडिया प्रभारी राम भजन इत्यादि लोग लग रहे! समिति द्वारा सफल आयोजन के लिए सभी को सम्मानित किया गया!