मोतिहारी जिलाधिकारी, की अध्यक्षता में डॉक्टर राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र अंतर्गत डेंगू /चिकनगुनिया के नियंत्रणार्थ इंटरसेक्टरल एवं AES/JE ,कालाजार से संबंधित जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई ।
डेंगू ,मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोग के प्रसार के रोकथाम हेतु भविष्य की रणनीतियों एवं तैयारियों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई ।
मुख्य रूप से मच्छर के काटने से जुलाई से अक्टूबर तक डेंगू एवं चिकनगुनिया का प्रभाव बना रहता है ।
जिला स्वस्थ विभाग द्वारा तैयारियां निम्नवत् है:-
सदर अस्पताल में 10 वेड,अनुमंडल अस्पताल स्तर पर 5 बेड एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो वेड की व्यवस्था की गई है ।
डेंगू एवं चिकनगुनिया ELISA जांच हेतु 10 कीट एवं मलेरिया जांच हेतु 100 कीट उपलब्ध हैं ।
वर्ष 2022 में कुल 208 में से 193 डेंगू प्रतिवेदित धनात्मक मरीज का इलाज जिले में हुआ।
वर्तमान में सदर अस्पताल मोतिहारी में ब्लड बैंक एवं डेंगू मरीजों के लिए ब्लड कंपोनेंट उपलब्ध हैं ।
जिले में 4 किलोग्राम टेक्निकल मालाथियान उपलब्ध है ,10 किलोग्राम टेक्निकल मालाथियान की व्यवस्था शीध्र की जा रही है ।
जिलाधिकारी महोदय ने सभी कार्यपालक पदाधिकारी नगर निगम/ नगर परिषद /नगर पंचायत को निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू निरोधात्मक कार्य हेतु फागिंग मशीन /स्प्रे मशीन द्वारा केमिकल का छिड़काव हर हाल में सुनिश्चित की जाए । सभी वार्ड स्तर पर हैंड स्प्रे मशीन से केमिकल का छिड़काव सुनिश्चित की जाए । वार्ड स्तर पर साफ ,सफाई हेतु जागरूकता फैलाई जाए ।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से फीवर सर्वे ,डेंगू के लक्षण, बचाव एवं नियंत्रण हेतु आशा के साथ व्यापक प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें, ग्रामीण विकास अपने स्तर से डेंगू के बारे में समुदाय को जागरूक करें ,सभी पंचायती राज संस्थान के सदस्यों द्वारा डेंगू के बारे में समुदाय को जागरूक करना, शहरी एवं नगर क्षेत्र में कूड़ा कचरा ढोने वाले वाहनों द्वारा डेंगू से बचाव हेतु मैकिंग एवं फॉकिंग करवाना, बरसात के मौसम में शहरी वार्डों में नियमित फॉकिंग कराना, शिक्षकों के माध्यम से स्कूली बच्चों को डेंगू के बारे में जागरूक करना, स्कूली बच्चों को फुल स्लीव ड्रेस में आने हेतु सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों को निर्देशित करना, जलजमाव वाले क्षेत्रों में उचित करवाई करना, हैंडपंप का नियमित क्लोरीनीकरण करना ,डीप बोरवेल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना, डेंगू के नियंत्रण हेतु व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करना आदि ।
गर्मी के प्रभाव के कारण जिलेभर में एईएस/जेई महामारी की संभावना बनी हुई है, इस पर सतत निगरानी करने हेतु जिलाधिकारी महोदय ने सभी एमओआईसी को निर्देश देते हुए कहा कि हमेशा अलर्ट मोड में रहे, ग्रसित बच्चों की देखभाल एवं इलाज की समुचित रूप से व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ,सिविल सर्जन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, एसीएमओ, कार्यपालक पदाधिकारी नगर निगम/ नगर परिषद/ नगर पंचायत, यूनिसेफ/ केयर /डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि गण, डीआईओ, डीपीओ आईसीडीएस, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, संबंधित एमओआईसी आदि उपस्थित थे ।









