नीतीश कुमार राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश के जरिए भाजपा से साधे हुए हैं संपर्क, जदयू के एमपी होते हुए भी क्यों हैं राज्यसभा के उपसभापति: प्रशांत किशोर

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नए संसद भवन का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से किए जाने को लेकर देश की ज्यादातर विपक्षी पार्टियां विरोध कर रही हैं। इन दलों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित बिहार की सत्ता पर काबिज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU भी शामिल है। इसको लेकर JDU उद्घाटन के दिन यानी 28 मई को बिहार में व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन करेगी।

इन सबके बीच प्रशांत किशोर का मानना है कि बिहार में नीतीश कुमार ने महागठबंधन के साथ बिहार में सरकार बनाई है। आज देश में कई लोगों को ऐसा लग रहा है कि नीतीश कुमार भाजपा के खिलाफ देश स्तर पर कोई बड़ा महागठबंधन बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं, ये बात पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं है। जहां तक मैं समझ पाया हूं जहां तक मेरी जानकारी है नीतीश कुमार महागठबंधन में जरूर हैं, लेकिन उन्होंने भाजपा के साथ चैनल बंद नहीं किए हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि हरिवंश नारायण जो राज्य सभा के उपसभापति के पद पर बने हुए हैं। हरिवंश नारायण जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एमपी हैं।

भाजपा को जब नीतीश कुमार ने छोड़ा और उस गठबंधन से बाहर आए तो हरिवंश ने न उपसभापति के पद से इस्तीफा दिया है, न पार्टी ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा है और न ही पार्टी ने उन पर कोई कार्रवाई की है। यह बात समझ से परे है कि जिस गठबंधन से नीतीश कुमार बाहर आ गए उस दल में आप या आपके दल का एक एमपी राज्य सभा में उपसभापति जैसे महत्वपूर्ण पद पर कैसे बना रह सकता है ? मेरी जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार का भाजपा के साथ जो संपर्क है वो हरिवंश के माध्यम से बना हुआ है।