पटना:- माननीय उच्च न्यायालय ने मोतीझील के संवर्धन,विकास, सौंदर्यीकरण और अतिक्रमणमुक्त करने के लिए राज्य स्तर के एक अधिकारी को प्राधिकृत करने का बिहार के मुख्य सचिव को दिया है


.उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में राज्य स्तर के एक पदाधिकारी को प्राधिकृत करने की प्रक्रिया हुई शुरु….प्राधिकृत अधिकारी प्रत्येक तीन -तीन माह पर उच्च न्यायालय को मोतीझील के बाबत प्रगति रिपोर्ट से करवाएंगे अवगत…जनहित याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता कुमार अमित ने दी है जानकारी।
पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी के शहर के बीचों बीच मोतीझील को मोतिहारी का लाइफलाइन कहा जाता है लेकिन आज मोतीझील अपनी दुर्दशा पर खुद आंसू बहा रहा है। मोतीझील को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए , उच्च न्यायालय,के अधिवक्ता कुमार अमित जो वर्तमान मे मोतिहारी मिस कॉट निवासी , ने माननीय उच्च न्यायालय पटना में एक जनहित याचिका 04 मार्च 2022 को दायर की थी

. इस जनहित याचिका द्वारा मोतीझील के प्राकृतिक प्रवाह पर जो अतिक्रमण किया गया है तथा शहर भर का नाला का अनट्रीटेड पानी तथा प्राइवेट नर्सिंग होम का मेडिकल कचरा झील में गिराया जाता है उस पर आक्रोश जाहिर की है ,एवं झील में बढ़ते गाद की ओर माननीय उच्च न्यायालय का ध्यान आकृष्ट कराया गया . इसमें भारत सरकार एवं बिहार राज्य सरकार के नगर विकास, जल संसाधन, वन विभाग इत्यादि को वादी बनाया गया है।









