लघु सिंचाई विभाग, त्रिवेणी नहर प्रमण्डल का समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न

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मोतिहारी:- जिला परिषद कार्यालय में माननीय अध्यक्ष, जिला परिषद  ममता राय के अध्यक्षता में तिरहुत नहर प्रमण्डल, लघु सिंचाई विभाग, त्रिवेणी नहर प्रमण्डल का समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुआ।

बैठक में मा० अध्यक्ष ने कार्यपालक अभियंता, तिरहुत नहर प्रमण्डल, ढ़ाका / चकिया / मोतिहारी / कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग, मोतिहारी / कार्यपालक अभियंता, घोडासहन, नहर प्रमण्डल, रक्सौल / त्रिवेणी नहर प्रमण्डल-रक्सौल एवं अन्य पदाधिकारियों को बैठक के कार्यावली से अवगत कराते हुए बताया कि यह समीक्षात्मक बैठक है ताकि जिले के किसानों को ससमय सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सके, जिससे जिले के किसानों को भविष्य में सुखाड़ जैसे आपदा का सामना न करना पड़े।

मा० अध्यक्ष द्वारा सभी कार्यपालक अभियंता, त्रिवेणी नहर प्रमण्डल / लघु सिंचाई विभाग आदि से उनके क्षेत्रान्तर्गत वैसी नहर की योजना जिससे किसानों को नहर के माध्यम से जल पहुँचाई जा सकती है और जो जनोपयोगी है वैसी योजनाओं की सूची की मांगी गई ताकि उक्त योजना को आगामी जिला परिषद की सामान्य बैठक से पारित कराते हुए उस योजना का क्रियान्वयन जिला परिषद के माध्यम से करायी जा सके।

साथ ही, मा० अध्यक्ष, जिला परिषद, पूर्वी चम्पारण द्वारा बैठक में उपस्थित सभी कार्यपालक अभियंताओं को निदेशित किया गया कि जिले के जो भी वितरणी / उप-वितरणी/ लघु नहर / उप-लघु नहर हैं में जल का प्रवाह आरम्भ से अंत तक सुनिश्चित कराई जाय, तथा जिन ऐजेन्सीयों को अनापत्ति प्रमाण-पत्र निर्गत किया गया है उसे अपने देख-रेख में कार्य सम्पन्न कराया जाय।

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बैठक में उपस्थित सभी कार्यपालक अभियंता, तिरहुत नहर प्रमण्डल द्वारा कुछेक नहर/साईफन / सिंचाईनाला के पक्कीकरण की आवश्यकता जताई, जिस पर मा० अध्यक्ष, जिला परिषद, पूर्वी चम्पारण द्वारा वैसे योजनाओं की सूची जिला परिषद को उपलब्ध कराने हेतु निदेशित किया गया, ताकि जिला परिषद से उक्त कार्य कराया जा सके। साथ ही, कार्यपालक अभियंता, तिरहुत नहर प्रमण्डल, मोतिहारी द्वारा सदन को सुझाव दिया गया कि सरकारी नियमानुसार पटवन की वसूली / देख-रेख हेतु सहकारी समितियों को प्राधिकृत करते हुए उन्हें प्रावधान अनुसार जिम्मेवारी दी जाय।

बैठक में समीक्षा के दौरान ये बात सामने आई कि जिले के कई नहरों पर आस-पास के लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है जिससे नहरों में पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता है और खेत तक पानी नहीं पहुँच पाता है, जो चिन्ता का विषय है। जिस पर मा० अध्यक्ष, जिला परिषद द्वारा अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नहर को अतिक्रमणमुक्त कराने हेतु संबंधित अंचलाधिकारी / अनुमण्डल पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अनुरोध करने हेतु निदेशित किया गया।