जन सुराज पदयात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के भितिहरवा गांधी आश्रम से 2 अक्तूबर को शुरू हुई थी। जन सुराज पदयात्रा पश्चिम चंपारण के बाद पूर्वी चंपारण में पहुंची और जिले में करीब 52 दिनों तक चली और इस दौरान अलग-अलग गांवों और प्रखंडों से गुजरी। पदयात्रा के दौरान लाखों लोग जन सुराज के विचार से प्रभावित हुए और पदयात्रा के साथ कदम से कदम मिलकर चले। पूर्वी चंपारण जिले में जन सुराज अभियान को आगे बढ़ाने और जन सुराज के कार्यों को सुचारू ढंग से जारी रखने के लिए 6 मई 2023 को जिले के 27 प्रखंडों, 3 नगर परिषदों में जन सुराज समिति के सदस्यों की घोषणा की गई थी। अब संगठन के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने और प्रखंड स्थाई समिति के चुनाव होने तक कार्यवाहक समिति के सदस्यों के बीच से और संस्थापक सदस्यों की सर्वानुमति से सभी प्रखंडों में पदाधिकारियों का चयन किया गया है।
सभी नामित पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है और सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि पदाधिकारियों के माध्यम से सभी संस्थापक सदस्य जन सुराज की सोच और प्रशांत किशोर के विजन को लोगों तक घर-घर पहुंचाएंगे और बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाने के इस प्रयास को और मजबूत करेंगे। इसके साथ सभी पदाधिकारी जिले में स्थाई चुनाव होने तक अपने पदों पर बने रहेंगे। पूर्वी चंपारण प्रखंड कार्यवाहक समिति के पदाधिकारियों की सूची में चकिया नगर पंचायत से परवेज़ आलम उर्फ चुन्नू, ढाका नगर पंचायत से शमशेर आलम, रक्सौल नगर परिषद से पुरूषोत्तम कुमार को अध्यक्ष बनया गया है। वहीं आदापुर प्रखंड से मोहम्मद नसीम अख्तर, अरेराज से राम बाबू मिश्रा, बंजरिया से अनिल यादव, बनकटवा से राजकुमार यादव, कल्याणपुर से संजय कुमार दुबे, चकिया से किशुन सहनी, छौरादानो से जयजाती यादव, चिरैया से फैयाज आलम, ढाका से कमरूज़मा, घोड़ासहन से दिनेश प्रसाद, हरसिद्धी से सुंदरम कुशवाहा, केसरिया से हीरालाल सहनी, कोटवा से सत्यनारायण यादव, मधुबन से अशोक सिंह, मेहसी से गणेश बैठा, मोतिहारी से रामबाबू सहनी, पहाड़पुर से रमाशंकर प्रसाद, पताही से अनिल सिंह, पकड़ीदयाल से वीरेंद्र सहनी, फेनहरा से डॉ रामबली पासवान, पिपराकोठी से विभा शर्मा, रामगढ़वा से प्रमोद नारायण सिंह उर्फ शिव शरण सिंह, रक्सौल से नायाब आलम, संग्रामपुर से अरुण तिवारी, सुगौली से सोनालाल सहनी, तेतरिया से समशुल होदा, तुरकौलिया से ईद मोहम्मद को प्रखंड अध्यक्ष बनाया गया है।

जन सुराज प्रखंड समिति के पदाधिकारियों का काम होगा कि प्रशांत किशोर की जन सुराज पदयात्रा और इसके मूल मंत्र – ‘सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास’ को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चलाना और सभी सही लोगों को एक मंच पर लाकर इस अभियान को मजबूत करना।









