मोतिहारी में हथियार के बल पर बड़ी लूट, मां-बेटे को बंधक बनाकर लाखों की संपत्ति ले उड़े छह बदमाश

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महिला की कनपटी पर बंदूक, चाकू दिखाकर दी धमकी; 15 वर्षीय किशोर के हाथ-मुंह बांधे, वारदात के बाद मोबाइल से निकाले सिम कार्ड

मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। शहर के बलुआ स्थित आजाद नगर के मानसपुरी, वार्ड नंबर-26 में छह बदमाशों ने एक घर में घुसकर हथियार के बल पर लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद महिला सीमा गुप्ता की कनपटी पर बंदूक सटा दी और चाकू दिखाकर उन्हें डराया-धमकाया। इसके बाद महिला के 15 वर्षीय बेटे विष्णु कुमार को भी बंधक बनाकर घर में रखे कीमती सामान और लाखों रुपये की संपत्ति लूट ली। दिनदहाड़े रिहायशी इलाके में हुई इस घटना से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है।

शाम करीब 4:30 बजे घर में घुसे छह बदमाश

मिली जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार को शाम करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। मानसपुरी वार्ड नंबर-26 निवासी अनिल कुमार गुप्ता के घर पर उस समय उनकी पत्नी सीमा गुप्ता और सबसे छोटा बेटा विष्णु कुमार मौजूद थे। इसी दौरान छह की संख्या में पहुंचे बदमाश घर में दाखिल हो गए। अपराधियों ने हथियारों का भय दिखाकर मां-बेटे को अपने कब्जे में ले लिया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

बदमाशों ने घर में रखे कीमती सामान की तलाशी ली और लाखों रुपये की संपत्ति लेकर फरार हो गए। हालांकि, लूटे गए सामान और उनकी कुल कीमत का विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।

महिला की कनपटी पर बंदूक, किशोर के हाथ-मुंह बांधे

वारदात के दौरान बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए महिला सीमा गुप्ता की कनपटी पर बंदूक सटा दी। वहीं, 15 वर्षीय विष्णु कुमार को विरोध करने और शोर मचाने से रोकने के लिए उसके हाथ और मुंह बांध दिए गए। इस तरह बदमाशों ने मां-बेटे को पूरी तरह असहाय कर दिया और बेखौफ होकर लूटपाट करते रहे।

बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने सीमा गुप्ता के मोबाइल फोन से सिम कार्ड भी निकाल दिए। इससे घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना देने में परेशानी होने की आशंका जताई जा रही है। बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के लिए जिस तरीके का इस्तेमाल किया, उससे साफ है कि उन्होंने घर में मौजूद लोगों को डराकर विरोध की संभावना कम करने की कोशिश की।

परिवार के अन्य सदस्य घर से थे बाहर

घटना के समय अनिल कुमार गुप्ता डॉक्टर को दिखाने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। उनकी 13 वर्षीय बेटी धनु ट्यूशन पढ़ने गई थी, जबकि 17 वर्षीय बेटा प्रियम कुमार बाजार गया हुआ था। घर में केवल सीमा गुप्ता और उनका छोटा बेटा विष्णु कुमार मौजूद थे। इसी दौरान बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीम

घटना के बाद पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि छहों बदमाशों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही अपराधियों के आने-जाने के रास्ते और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

थाना प्रभारी राजीव रंजन ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। बदमाश कौन थे और कहां से आए थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को भी बुलाया जा रहा है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

रिहायशी इलाके में वारदात से सुरक्षा पर उठे सवाल

बलुआ और आजाद नगर के आसपास के क्षेत्र को शहर का महत्वपूर्ण रिहायशी इलाका माना जाता है। ऐसे इलाके में घर के भीतर घुसकर हथियार के बल पर लूट की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े छह बदमाशों का घर में घुसना, मां-बेटे को बंधक बनाना और लूटपाट के बाद फरार हो जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

फिलहाल, पुलिस की जांच सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों पर केंद्रित है। अब देखना होगा कि पुलिस इस वारदात में शामिल बदमाशों की पहचान कर उन्हें कब तक गिरफ्तार कर पाती है। साथ ही, पीड़ित परिवार से लूटे गए सामान का पूरा ब्योरा जुटाने के बाद ही नुकसान की वास्तविक राशि स्पष्ट हो सकेगी।