योग की अलख से गुंजायमान हुआ आईसीपी परिसर, सैकड़ों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

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रक्सौल, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत-नेपाल सीमा स्थित एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) परिसर रविवार की सुबह योग, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। भारत विकास परिषद, शाखा रक्सौल एवं भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण, रक्सौल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य योग शिविर में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से प्रतिभागियों ने स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आईसीपी प्रशासक कुमार राजीव रंजन, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के असिस्टेंट कमांडेंट अम्बरीष चौबे, वरिष्ठ योग प्रशिक्षक चन्देश्वर प्रसाद साह, चिकित्सक डॉ. विजय कुमार, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी एवं सचिव नरेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत हो उठा।

योग शिविर में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों का भारत विकास परिषद की ओर से गुलाब पुष्प देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर आईसीपी प्रशासक कुमार राजीव रंजन, असिस्टेंट कमांडेंट अम्बरीष चौबे, डॉ. विजय कुमार, शिक्षाविद डी.एन. कुशवाहा, अंतर्राष्ट्रीय जन सेवा संगठन की मीतू गुप्ता, काली सेना की राष्ट्रीय प्रमुख पार्वती तिवारी तथा माहेर ममता निवास के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे उद्घोषक सुनील कुमार ने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि योग मन, मस्तिष्क और शरीर के बीच संतुलन स्थापित कर व्यक्ति को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवनशैली है जो व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी मजबूत बनाती है।

योग प्रशिक्षक चन्देश्वर प्रसाद साह ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने कपालभाति, भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी तथा अन्य महत्वपूर्ण योग क्रियाओं का प्रदर्शन करते हुए उनके लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक रोगों से बचाव होता है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है। योग जीवन को संतुलित, अनुशासित और ऊर्जावान बनाने की संपूर्ण कला है।

योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह और अनुशासन देखने को मिला। बच्चे, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, एसएसबी के जवान और भूमि पत्तन के कर्मचारी सभी पूरे मनोयोग से योग क्रियाओं में सहभागी बने। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान आईसीपी परिसर का दृश्य अत्यंत प्रेरणादायक और आकर्षक दिखाई दे रहा था।

आईसीपी प्रशासक कुमार राजीव रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में योग स्वास्थ्य और आरोग्य का पर्याय बन चुका है। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक निष्क्रियता के कारण अनेक बीमारियां जन्म ले रही हैं। ऐसे समय में योग व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और प्रसन्न जीवन प्रदान करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।

भारत विकास परिषद के सचिव नरेश कुमार, संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया, पर्यावरण संयोजक विजय कुमार साह तथा सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने संयुक्त रूप से कहा कि योग भारत की महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। यह केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग आत्मानुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति न केवल स्वयं स्वस्थ रह सकता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी सकारात्मक योगदान दे सकता है।

कार्यक्रम संयोजक अरविंद जायसवाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया तनाव, अवसाद, भागदौड़ और असंतुलित जीवनशैली जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे दौर में योग मानवता के लिए आशा की किरण बनकर सामने आया है। उन्होंने इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” को अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को जीवन के हर चरण में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। योग स्वस्थ और सुखद वृद्धावस्था की दिशा में एक प्रभावी साधन है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण द्वारा भारत विकास परिषद के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी एवं योग प्रशिक्षक चन्देश्वर प्रसाद साह को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। परिषद के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, आईसीपी प्रशासन तथा सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ। इसके बाद भारत विकास परिषद एवं आईसीपी प्रबंधन की ओर से सभी प्रतिभागियों के बीच अल्पाहार एवं पेय पदार्थ वितरित किए गए। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और सेवा भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

योग शिविर को सफल बनाने में उमेश सिकारिया, अरविंद जायसवाल, नीतेश कुमार सिंह, अजय कुमार, प्रशांत कुमार, विजय कुमार साह, सुरेश धानोठिया, योगेन्द्र प्रसाद, विनोद कुमार, संतोष कुमार, विनोद रौनियार, मनोज सिंह, दिनेश प्रसाद, प्रतीक कुमार सहित परिषद के अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शिविर में टेक्सटाइल चैम्बर ऑफ कॉमर्स रक्सौल के महासचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव, रक्सौल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सचिव राजकुमार रौनियार, लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष बिमल सर्राफ, गणेश अग्रवाल, वसंत जालान, सुशीला धानोठिया, सारिका जालान, युवा मंच के सुरेश कुमार, गुड्डू खेतान, अनिता गुप्ता, मीरा कुशवाहा, सुनीता मधुकर, अख्तर सैफी, श्याम बाबू सिंह, सुरभि सिंह, प्रिया रानी, प्रदीप कुमार दास, सुरेश चन्द्र वर्मा, प्रकाश कुमार, राहुल गुप्ता, संतोष कुमार, नारायण कुमार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य, भूमि पत्तन कर्मी, एसएसबी के जवान तथा नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल योग के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्वस्थ और सकारात्मक जीवन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया।